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Ujjain News: उज्जैन में 35 हजार मातृशक्तियों ने दिखाया शक्ति संगम, साध्वी ऋतंभरा ने भरा जोश

Sun, 29 Dec 2024 10:14 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में 'शक्ति संगम' कार्यक्रम में हजारों महिलाओं ने भाग लिया, जिसमें शौर्य यात्रा और विराट सभा का आयोजन हुआ। साध्वी ऋतंभरा ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, शस्त्र और शास्त्र दोनों धारण करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाना था। 
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उज्जैन में संबोधित करतीं साध्वी ऋतंभरा - फोटो : अमर उजाला

उज्जैन में विश्व हिन्दू परिषद, मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी का 'शक्ति संगम' कार्यक्रम हुआ, जिसमें हजारों महिलाएं एकत्रित हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत त्रिवेणी संग्रहालय के सामने महाकालेश्वर अन्न क्षेत्र परिसर से शौर्य यात्रा के रूप में हुई। यात्रा गुदरी चौराहा, गोपाल मंदिर, कंठाल, निजातपुरा, कोयला फाटक होते हुए सामाजिक न्याय परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। यात्रा में शस्त्र वाहिनी, घोष वाहिनी, ध्वज वाहिनी, साफा वाहिनी और दंड वाहिनी की बहनें शामिल हुईं।

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उज्जैन में हजारों महिलाओं ने कार्यक्रम में शिरकत की। - फोटो : अमर उजाला

कार्यक्रम के समापन पर विराट सभा का आयोजन हुआ। दुर्गा वाहिनी प्रान्त संयोजिका ज्योतिप्रिया दीदी ने बताया कि देवी अहिल्या और रानी दुर्गावती की जयंती वर्ष में मध्य प्रदेश के 110 स्थानों से मां वंदना यात्रा निकाली गई थी, जिसका समापन महाकाल के आंगन में हुआ। आरती दीदी जायसवाल ने मंच संचालन करते हुए बताया कि जब कार्यक्रम की योजना बनाई थी, तब 10,000 महिलाओं की उम्मीद थी, लेकिन अब 35,000 से अधिक महिलाएं कार्यक्रम में उपस्थित हैं।

कार्यक्रम में महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय संयोजिका साध्वी ऋतंभरा ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित होकर महिलाओं को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा, "आप सभी सौभाग्यशाली हैं, क्योंकि आपने हिन्दू माँ के गर्भ से जन्म लिया है। इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सामाजिक खतरों से सतर्क करना है।"

 

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उज्जैन में हजारों महिलाओं ने कार्यक्रम में शिरकत की। - फोटो : अमर उजाला
साध्वी ऋतंभरा ने महिलाओं को शस्त्र और शास्त्र दोनों धारण करने की प्रेरणा दी। उन्होंने भारतीय नारी की शक्ति और सम्मान को बढ़ाते हुए कहा कि भारत की मिट्टी से प्रेम न करने वाले को यहाँ रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और रानी अहिल्याबाई जैसी वीरांगनाओं का उदाहरण देते हुए महिलाओं को प्रेरित किया। यह आयोजन महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाने के लिए किया गया, जिसमें छोटी बच्चियों से लेकर युवतियों और महिलाओं तक ने भाग लिया।
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