इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफेसर रहे युवक ने गुरुद्वारे में खुदकुशी कर ली। पहले हाथ की नस काटी और इसके बाद फांसी लगा ली। शुरुआती जांच में पता चला है है कि तीन महीने पहले युवक की नौकरी छूट गई थी। संभवतः इसी के तनाव में आत्महत्या की होगी। दूसरी वजहों की भी जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक युवक का नाम कमलजीत सिंह (39) निवासी देवास है। उज्जैन के दूधतलाई स्थित गुरुद्वारे में उसने आत्महत्या कर ली। गुरुद्वारे के सेवादार रमेश सिंह ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर कमरे में देखा तो शव फंदे से लटका मिला था। मृतक के हाथ की नस भी कटी हुई थी। कमरे के शौचालय में खून पड़ा हुआ था। कमलजीत रविवार शाम सात बजे बाइक से गुरुद्वारे आया था। यहां उसने बताया था कि वह ग्वालियर से आया है और उसे भोपाल जाना है। रात रुकने के लिए कमरा चाहिए। सेवादार ने आईडी देखने के बाद उसे कमरा नंबर एक ठहरने के दिया था। कमलजीत ने रविवार शाम को सेवादार को बताया था कि उसे सोमवार सुबह आठ बजे भोपाल जाना है। जब सुबह आठ बजे तक कमलजीत बाहर नहीं आया तो सेवादार ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया। दरवाजा नहीं खुलने पर उसने वेंटीलेशन से झांककर कमरे में देखा तो कमलजीतसिंह फंदे पर लटका हुआ था। सेवादार ने इसकी सूचना गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सदस्यों और देवास गेट पुलिस को दी। गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सदस्यों ने बताया कि वाटसएप पर रविवार रात 12 बजे पंजाबी समाज के ग्रुप में कमलजीत सिंह के देवास से लापता होने की सूचना किसी ने भेजी थी। उसी आधार पर कमलजीत सिंह के परिजनों को सूचना दी गई। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि कमलजीत देवास के निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफसर था। किसी कारण से उसकी नौकरी चली गई। इससे वह काफी परेशान था। एक माह पूर्व भी उसने देवास में अपने घर पर हाथ की नस काट ली थी। घरवालों ने देख लिया था और डॉक्टर के पास ले गए थे। इसलिए जान बच गई थी। पुलिस जांच कर रही है।