शादी के मधुर सपने देखने वाले एक युवक को दुल्हन लाना महंगा पड़ गया। दुल्हन तो हाथ से गई ही, साथ में लाखों रुपये के जेवरात भी ले गई। परिवारवालों ने अब पुलिस से शिकायत की है।
मामला उज्जैन के कार्तिक चौक का है जहां तिवारी परिवार के घर आई दुल्हन शादी के तीन दिन बाद ही घर से भाग गई। अपने साथ वह लाखों रुपये के जेवरात भी ले गई। सुबह उठने पर जब दुल्हन नहीं दिखी और जेवरात गायब दिखे तो परिवारवालों को पता चला कि वे ठगा गए हैं। इसके बाद वे पुलिस थाने पहुंचे। बताया जा रहा है कि आरोपी दुल्हन महाराष्ट्र से संचालित गैंग का हिस्सा है और लोगों को शादी के नाम पर ठगने का काम करती है। इस गिरोह के तीन साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जबकि ठगोरी दुल्हन फरार है।
जानकारी के मुताबिक उज्जैन के सचिन तिवारी (40) की शादी 19 मार्च को शहर के चिंतामण गणेश मंदिर में महाराष्ट्र की रहने वाली निकिता से हुई थी। बिना किसी भीड़भाड़ और औपचारिकताओं के हुई इस शादी में लड़की के परिवार से 6-7 लोग शामिल हुए थे। शादी के तीसरे दिन 22 मार्च की देर रात लुटेरी दुल्हन अपने पति, सास, ससुर और देवर को घर में सोता हुआ छोड़कर फरार हो गई। वह अपने साथ घर में रखे 50 हजार नकद सहित चार सोने की चूड़ी, मंगलसूत्र आदि भी ले गई।
दूध पिलाकर सबको किया बेहोश
पुलिस के अनुसार दुल्हन जिस दिन घर आई थी उसी दिन से सभी को रात में दूध पीने की सलाह देते हुए उसके गुण समझाने लगी थी। बीते दो दिनों से तो वो परिवार के सभी सदस्यों को सोते समय पीने के लिए दूध दे रही थी। 22 मार्च की रात को भी सोने से पहले सभी को दूध दिया, जिसके कुछ देर बाद सभी बेहोश हो गए। सुबह उठने पर परिवारवालों को घर में हुई लूट का पता चला, जिसके बाद उन्होंने उन लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, जिन्होंने लड़की दिखाने से लेकर शादी कराने तक का काम कराया था, लेकिन सभी का फोन बंद मिला।
ओंकारेश्वर पहुंचकर पकड़ा ठगोरों को
सचिन ने बताया कि घर से सामान गायब होने के बाद कई लोगों को फोन लगाया मगर फोन बंद थे। इसके बाद जिस गाड़ी से वो लोग आए थे, उस गाड़ी का नंबर पता कर उसके ड्राइवर का नंबर निकाला। ड्राइवर लगातार कहता रहा कि मैं सिर्फ ड्राइवर हूं मेरा उन लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद सचिन ने अपने दोस्त से ड्राइवर को फोन लगवाया और कहा कि आप किसी लड़की से शादी करवा सकते हो क्या। ड्राइवर झांसे में आ गया और उसने ओंकारेश्वर में मिलने की बात कही। ड्राइवर ने सचिन के दोस्त को ओंकारेश्वर में मिलने बुलाया, जहां तीन पुरुष और तीन महिलाएं दुल्हन के रिश्तेदार बनकर एक परिवार को फांसने पहुंचे थे, लेकिन सचिन और उसके दोस्त के वहां पहुंचने से मामला बिगड़ गया और तीनों आरोपी पकड़ में आ गए। ये सभी निकिता की शादी में उसके परिवार के सदस्य बनकर पहुंचे थे। तीनों आरोपियों को सचिन खुद पकड़कर उज्जैन लाया और पुलिस के हवाले किया। सभी आरोपी महाराष्ट्र के बुलढ़ाणा के रहने वाले हैं।