मिर्च को पानी में घोला तो हो गया लाल रंग का पानी
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अगर आपको मिर्च का लाल रंग पसंद है और सुर्ख लाल मिर्च खाने की आदत है तो सावधान हो जाइये। कहीं ऐसा न हो कि मिर्च के नाम पर केमिकल निगल रहे हो। क्योंकि मिलावटखोरों को लोगों की सेहत से नहीं बल्कि खुद के मुनाफे से मतलब है। उज्जैन में ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है जिसे पढ़कर लाल मिर्च का शौक उतर जाएगा।
दरअसल मंगलवार को खाद्य विभाग ने औद्योगिक क्षेत्र स्थित मसाला फैक्टरी पर दबिश डाली। इस फैक्टरी में लाल मिर्च पर लाल रंग चढ़ाया गया था। इसके बाद इसे बेचा जा रहा था। करीब पांच क्विंटल अमानक मिर्च मिली है। विभाग ने फैक्टरी सील कर फूड लायसेंस जब्त किया है। जब टीम फैक्टरी पहुंची तो वहां करीब 700 किलो पिसी हुई लाल मिर्च रखी थी। इसे जब्त किया। पांच क्विंटल मिर्च पर कृत्रिम अखाद्य रंग जिसे ऑइल मिक्स कहते हैं उसकी मिलावट की गई थी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मिर्च को पानी की बोतल में डाला तो पानी का रंग लाल हो गया। यहां पीसने के लिए रखी आठ क्विंटल खड़ी मिर्च भी जब्त की है। दोनों तरह की मिर्च के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे हैं। इस फैक्टरी का मालिक धर्मेंद्र दयाल है। उसने मिर्च में रंग मिलाने की बात स्वीकारी है। उसके मोबाइल को जब्त किया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंत दत्त शर्मा ने बताया कि खुद संचालक ने स्वीकारा है कि वो मिर्च को लाल दिखाने के लिए लाल रंग चढ़ाता था। हमने मिर्च को पानी मे घोला तो लाल रंग सामने आ गया। सैंपल लेकर प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। साथ ही जहां से कलर खरीद कर लाता था उस दुकान का भी पता कर रहे हैं।