पुरातत्व विभाग की हाल ही में आई रिपोर्ट के मुताबिक उज्जैन के महाकाल ज्योर्तिलिंग में लगातार हो रहे क्षरण का बचाव भांग से हो रहा है। पुरातत्व विभाग की दो सदस्यीय टीम ने कहा कि ज्योतिर्लिंग पर हर पानी, दूध, फूल और भस्म चढ़ाया जाता है जिससे इसका तेजी से क्षरण हो रहा है साथ ही शिवलिंग को बैक्टीरिया और फंगस भी तेजी से प्रभावित कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विभाग की रिपोर्ट में लिखा गया है कि शिवलिंग पर दूध और फूल चढ़ाए जाने के बाद शिवलिंग तेजी से घिस रहा है लेकिन भांग के लेप की वजह से शिवलिंग बचा हुआ है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भांग में कुछ रसायनिक तत्व पाए जाते हैं जो क्षरण को रोकता है।
महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी प्रदीप गुरु कहते हैं कि महाकालेश्वर मंदिर में शिवलिंग पर भांग का लेप सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। शिवलिंग पर उपयोग किए जा रहे भांग बहुत अच्छी क्वालिटी का होता है। भगवान का जब श्रृंगार किया जाता है तब करीब डेढ किलो भांग का लेप भगवान को लगाया जाता है।
इसी साल की शुरुआत में इंदौर की सारिका गुरु ने भगवान को पंचामृत श्रींगार और भष्म आरती का विरोध किया था और कहा था कि इससे शिवलिंग तेजी से घिस रहा है। कोर्ट ने इस मामले में एक कमेटी का गठन किया और पुरात्व विभाग की टीम पिछले महीने शिवलिंग की जांच के लिए उज्जैन पहुंची थी और ज्योतिर्लिंग की जांच की थी।