नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी बुधवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे। बाल शोषण के खिलाफ अपनी देशव्यापी भारत यात्रा के सिलसिले में वह शहर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वो रेप पीड़िताओं और बाल शोषण के पीड़ितों का फ्री में इलाज करें।
इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी रेप पीड़िता के लिए वह समय बहुत कठिन होता है, जब समाज उन्हें नजरअंदाज करना शुरू कर देता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर बड़ा रोल अदा कर सकते हैं, उन्हें पीड़िताओं का फ्री में इलाज करना चाहिए।
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वहीं यूनिसेफ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 53 फीसदी बच्चे बाल शोषण का शिकार होते हैं। बच्चों के खिलाफ इतनी बड़ी तादाद में अपराध पर उन्होंने आश्चर्य जाहिर किया। उन्होंने कहा कि 2016 में लगभग 15,000 बाल शोषण के मामले दर्ज हुए, लेकिन केवल 4 फीसदी मामलों में अपराधी दोषी साबित हुए हैं। वहीं लगभग 90 फीसदी केस आज भी कोर्ट में पेंडिंग हैं।
सत्यार्थी ने बताया कि एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर रोज 40 बच्चों के साथ रेप होता है और 48 बच्चों का योन शोषण। यहां हर छठे मिनट एक बच्चा लापता हो जाता है। लगभग 4.5 लाख बच्चे ट्रैफिकिंग का शिकार होते हैं, जो देह व्यापार और व्यावसाय के लिए बेचे जाते हैं।