खुशबू और यूनुस से पुलिस ने की थी पूछताछ
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महाकालेश्वर मंदिर में हिंदू युवक की आईडी से भस्मारती में शामिल होने वाले मुस्लिम युवक से पुलिस पूछताछ कर रही है। उसे कोर्ट में पेश किया गया। युवक की गर्लफ्रेंड को परिजनों को सौंप दिया है। मंदिर प्रशासन ने अनुमति बनवाने वाले पुजारी को कारण बताओ नोटिस दिया है।
गौरतलब है कि बुधवार सुबह महाकाल की भस्मारती में युवक-युवती पहुंचे थे। युवक का नाम यूनुस मुल्ला निवासी कर्नाटक है जबकि युवती का नाम खुशबू दुबे है। वह महाराष्ट्र में रहती है। यूनुस के पास अभिषेक दुबे नाम का आधार कार्ड मिला और इसी की बदौलत वह भस्मारती में गया था। यूनुस खुशबू का बॉयफ्रेंड है और दोनों साथ में उज्जैन आए थे। खुशबू ने यूनुस को अपना भाई बताया था। उसे अभिषेक दुबे का आधार कार्ड दिया था और इसी नाम से भस्मारती की अनुमति बनवाई थी।
भस्मारती के दौरान जब यूनुस की हरकतें अजीब लगी तो पुजारियों को शक हुआ। उससे पूछताछ की और आधार कार्ड में फोटो का मिलान किया तो असलियत पता चली। उसका असली नाम यूनुस मुल्ला निवासी कर्नाटक है। बाद में पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने यूनुस के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। युवती को भी हिरासत में लिया था। पूछताछ में युवती ने बताया कि वह फैशन डिजाइनर है। उसके घरवालों को खबर की। गुरुवार को युवती की मां उज्जैन पहुंची और उसे लेकर गई। आरोपी यूनुस से पुलिस पूछताछ कर रही है। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया।
पुजारी को दिया नोटिस
इस मामले में महाकाल मंदिर प्रशासन ने भी सख्त रवैया अपनाया है। मंदिर प्रशासन ने भस्मारती की अनुमति बनवाने वाले पुजारी गणेश नारायण शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संतोषप्रद जवाब न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर मंदिर प्रबंध समिति ने गुरुवार को निजी सुरक्षा एजेंसी के तीन सुरक्षाकमिर्यों की सेवा समाप्त कर दी। इन सुरक्षाकर्मियों ने बिना रसीद के वीआईपी गेट से कुछ श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया था। सीसीटीवी फुटेज में घटना कैद हुई थी।