इंदौर में कोरोना से मरने वाले लोगों की आधिकारिक जानकारी देरी से साझा करने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में अब एक और नया मामला सामने आया है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग ने 10 अप्रैल को कोरोना से मरने वाले एक मरीज की आधिकारिक जानकारी मंगलवार को दी। बता दें कि देश में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में इंदौर भी शामिल है।
विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि 62 साल के व्यक्ति जिन्हें कोरोना से संक्रमित होने के बाद एक निजी अस्पताल में चार अप्रैल को भर्ती कराया गया था, उनकी 10 अप्रैल को इलाज के दौरान मौत हो गई। हैरानी की बात यहां यह है कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यह जानकारी मरीज के मौत के दो महीने बाद दी गई है। ऐसे में जब अधिकारी से देरी को लेकर सवाल किया गया तो उनका कहना था कि विभाग पिछले कुछ दिनों में स्थानीय अस्पतालों में कोरोना से मरने वाले मरीजों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। 62 वर्षीय मरीज की मौत की जानकारी इसी जांच से पता चली है।
कोरोना मरीजों की मौत की जानकारी को लेकर हो रही देरी पर लगातार कांग्रेस और गैर सरकारी संगठन सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। इनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग अपनी सुविधा के मुताबिक इन मौतों का खुलासा कर रहा है, जिससे कोविड-19 से होने वाली मौतों को लेकर सरकारी आंकड़ों की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में आ गई है।