मध्यप्रदेश के महू छावनी में भारतीय सेना की बेरछा फायरिंग रेंज में घास में आग लगने की वजह से सेना के दो जवानों की मौत हो गई। इस घटना में पांच जवान घायल हैं। घायल जवानों को एमएच अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से गंभीर तरह से घायल जवानों को हवाई एंबुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया है। जानकारी के अनुसार सेना के जवान सूघी घासों की बीच स्नाइपर ट्रेनिंग ले रहे थे। अचानक ही घांस में आग लग गई जिसमें जवान बुरी तरह झुलस गए।
घायल जवानों को दोपहर में एमएच अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल प्रभारी डॉ. एचआर वर्मा ने बताया की दो जवानों की जलने से मौत हो गई है। चार गंभीर रुप से घायल जवानों को शाम के समय एंबुलेंस द्वारा इंदौर एयरपोर्ट ले जाया गया। उसके बाद उन्हें हवाई एंबुलेंस से दिल्ली के लिए रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि स्नाइपर फायरिंग ट्रेनिंग का कोर्स 90 दिन का था और कोर्स खत्म होने में सिर्फ दो दिन ही बचे थे और यह हादसा हो गया। ट्रेनिंग के दौरान ये पहला हादसा बताया जा रहा है।
बता दें कि सेना की बेरछा रेंज पर जाने वाले मार्ग पर गांव के समीप सेना ने गेट लगा रखा है। जब भी वहां फाइरिंग व टैंकों का युद्धाभ्यास होता है, तो उसके लिए बकायदा रेंज के दरवाजे से लेकर पूरी पहाड़ी के आसपास थोड़ी-थोड़ी दूर पर लाल झंडे लगा दिए जाते हैं। इन झंडों से ग्रामीणों को पता चल जाता है कि आज वहां पर युद्धाभ्यास हो रहा है। गुरूवार को भी यहां रेंज के मुख्य गेट व पहाड़ी के आसपास लाल झंडे लगाए गए थे।