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Twisha Sharma Case: समर्थ सिंह को हिरासत में लेकर भोपाल रवाना हुई पुलिस, वकालत के लाइसेंस पर भी गिरी गाज

Fri, 22 May 2026 09:29 PM IST
Priya Verma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

बहुचर्चित त्विषा शर्मा केस में आरोपी समर्थ सिंह की एंट्री के साथ ही मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। कोर्ट पहुंचने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया, जबकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे वकालत करने से निलंबित कर दिया है।
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समर्थ सिंह पुलिस हिरासत में - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल केस में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्य आरोपी और त्विषा का पति समर्थ सिंह जबलपुर जिला अदालत पहुंचा। इसके बाद भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह को हिरासत में ले लिया और भोपाल रवाना हो गई। जबलपुर एसपी ने इस बात की पुष्टि की है।

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बीते कई दिनों से फरार चल रहे समर्थ सिंह के अचानक सामने आने के बाद पूरे मामले में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अब इस केस की जांच और तेजी से आगे बढ़ेगी। समर्थ सिंह के वकील के मुताबिक उन्होंने पहले अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ली और उसके बाद अदालत में आत्म समर्पण करने का फैसला किया।
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अदालत परिसर में समर्थ सिंह अपनी पहचान छुपाने की कोशिश करता नजर आया। उन्होंने चश्मा, मास्क और टोपी पहन रखी थी। पत्रकारों ने जब उनसे त्विषा शर्मा की मौत, दहेज प्रताड़ना और उन पर लगे आरोपों को लेकर सवाल पूछे तो उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और पूरी तरह चुप्पी साधे रखी।

इधर त्विषा शर्मा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह कोर्ट नंबर 32 के अंदर बैठे हुए थे, जो जिला एवं सत्र न्यायाधीश का कोर्ट रूम है और उसके दरवाजे बंद थे। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किस अधिकार के तहत उन्हें वहां बैठने की अनुमति दी गई।

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अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि इससे साफ समझ आता है कि ज्यूडिशियरी उनके सपोर्ट में कितनी ज्यादा है। मैं एसआईटी और लोकल पुलिस से मांग करता हूं कि उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। वे यहां सरेंडर करने आए थे लेकिन जिला जज के चैंबर में दरवाजा बंद कर बैठे थे। जब दरवाजा खुलवाया गया तो वहां से निकलकर बार एसोसिएशन के चैंबर में चले गए।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी की कार्रवाई
इधर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी समर्थ सिंह के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से वकालत करने से निलंबित कर दिया है।

बीसीआई ने कहा कि भोपाल में पत्नी त्विषा शर्मा की शादी के कुछ महीनों बाद संदिग्ध मौत के मामले में समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या, क्रूरता और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज है। परिषद ने यह भी कहा कि समर्थ सिंह कथित तौर पर फरार चल रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुसार इस मामले के आरोप बेहद गंभीर हैं और इससे कानूनी पेशे की गरिमा और सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई है।

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