मध्य प्रदेश के देवास की रहने वाली एक मुस्लिम महिला ने ट्रिपल तलाक के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर को खून से पत्र लिखकर इंसाफ मांगा है। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, महिला का कहना है कि या तो उसे इस तलाक के मामले में इंसाफ दिया जाए या फिर उसे मरने की इजाजत दे दी जाए। शबाना नाम की इस महिला का आरोप है कि उसके पति ने उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया और बाद में उसे मौखिक तलाक देकर दूसरी शादी कर ली।
पूरा मामला यह है कि महिला अपने पति से प्रताड़ित है और कुछ दिन पहले ही उसने अपने पति के खिलाफ परेशान करने का मामला दर्ज कराया है। महिला के मुताबिक वह नर्सिंग का कोर्स कर चुकी है और नौकरी करना चाहती है। मेरा पति मुझसे खेत पर मजदूरी करने के लिए कह रहा है। दहेज भी मांगता है। दूसरी शादी भी कर ली है।
दोनों की शादी 25 मई, 2011 को हुई थी। इस कपल की एक बेटी भी है, जो चार साल की है। महिला का कहना है कि मेरे पति ने फोन किया और तीन बार तलाक बोल दिया। इसके बाद वह मुझे और मेरी बेटी को पूछता तक नहीं है। 2016 में उसने शादी भी कर ली है।
महिला ने अपने खत में लिखा है कि मैं ऐसे किसी भी पर्सनल कानून को नहीं मानती हूं। जो हालात हैं, उसके मुताबिक मैं रोज ही मर रही हूं। महिला ने कहा कि मुझे अपने देश के कानून पर पूरा विश्वास है, कि मुझे और मेरी जैसी और कई बहन-बेटियों को न्याय मिले। यह मेरी लड़ाई और मेरी बच्ची और ऐसे कई बच्चों की हैं, जिन्हें इस तरह से छोड़ दिया जाता हैं।