टीकमगढ़ में हत्यारी मां को ले जाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
दुनिया में पूत कपूत हो सकता है, लेकिन माता कभी कुमाता नहीं हो सकती। यह कहावत सुनी ही होगी, लेकिन टीकमगढ़ जिले में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सभी के रौंगटे खड़े कर दिए। एक मां ने ही अपने जिगर के टुकड़े को तालाब में डूबोकर मौत के घाट उतार दिया। कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया है।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह टीकमगढ़ के महेन्द्र सागर तालाब में चार साल के बच्चे का शव मिला था। राहगीरों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी थी। कोतवाली पुलिस ने बच्चे का शव पानी से निकालकर कर पीएम के लिए भेजा था। बच्चे की शिनाख्त को लेकर पड़ताल जारी रही। इसी दौरान पुलिस को किसी ने बताया की रोरैया मुहल्ले की शारदा साहू अपने बच्चे के साथ तालाब के पास देखी गई थी। लाश मिलने के बाद महिला गायब हो गई थी।
परिवार से परेशान होकर बच्चे को तालाब में फेंका
कोतवाली प्रभारी आनंद राज ने बताया कि पुलिस ने इस महिला से पूछताछ शुरू की। पहले तो महिला ने कहा कि उसने कुछ नहीं किया। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो शारदा साहू टूट गई। उसने अपना जुर्म कबूल लिया। महिला ने बताया कि वह अपने परिवार वालों से परेशान थी। इस वजह से अपने बेटे अर्पित को तालाब में फेंक आई थी। उन्होंने बताया कि महिला जब घर में अकेली पहुंची तो परिजनों ने कहा कि बेटा कहां पर है? उसने कहा कि वह कुंडेश्वर धाम में छोड़कर आई है। वह परिजनों को गुमराह करती रही।