टीकमगढ़ में अवैध रेत उत्खनन के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और जांच में लापरवाही सामने आने के बाद कलेक्टर विवेक श्रुति ने ग्राम टानगा के पटवारी जितेंद्र बिरथरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
टीकमगढ़ में रेत के अवैध उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। कलेक्टर विवेक श्रुति ने जतारा जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत टानगा के पटवारी जितेंद्र बिरथरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई उस समय की गई जब सोशल मीडिया पर ग्राम टानगा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का वीडियो वायरल हुआ और जांच में संबंधित पटवारी की गंभीर लापरवाही सामने आई।
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लगातार आ रहीं थी शिकायतें
गौरतलब है कि जिले में मानसून अवधि के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं शासन के निर्देशों के तहत 20 जून से 30 सितंबर तक सभी रेत खदानों एवं रेत धारित नदी-नालों के घाटों पर खनन कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद जिले के कुछ क्षेत्रों से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि तहसीलदार जतारा ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेख किया है कि ग्राम टानगा में अवैध रेत उत्खनन से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में संबंधित हल्का टानगा के पटवारी जितेंद्र बिरथरिया ने अब तक अवैध उत्खनन के संबंध में कोई प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया। साथ ही उन्होंने इस संबंध में राजस्व निरीक्षक को भी कोई जानकारी नहीं दी।
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आदेश में कहा गया है कि पटवारी द्वारा अवैध उत्खनन की सूचना लिखित रूप से प्रस्तुत नहीं करना, उनके पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं उदासीनता को दर्शाता है। प्रशासन ने इसे गंभीर कर्तव्यहीनता मानते हुए संबंधित पटवारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया।
अवैध उत्खनन की सूचना विभाग को नहीं दी गई
कलेक्टर विवेक श्रुति ने स्पष्ट किया कि जिले की सभी रेत खदानों और नदी-नालों में खनन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। ऐसे में किसी भी क्षेत्र में अवैध उत्खनन की जानकारी संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्काल विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य है। लेकिन पटवारी द्वारा प्रतिबंधित अवधि में हो रहे अवैध उत्खनन की सूचना विभाग को नहीं दी गई, जो अत्यंत आपत्तिजनक पाया गया।
इसी आधार पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत पटवारी जितेंद्र बिरथरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय जतारा निर्धारित किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध खनन के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।