शासकीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था और शिक्षकों की कार्यप्रणाली में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने चार शिक्षकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट और संबंधित शिक्षकों को दिए गए स्पष्टीकरण के बाद जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत चारों की दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने की शास्ति अधिरोपित की गई है।
शासकीय प्राथमिक शाला हरकनपुरा, संकुल केंद्र स्यावनी के शिक्षक जयशंकर गंगोलिया के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत मिली थी। जांच में बच्चों को नियमित रूप से नहीं पढ़ाने, विद्यालय में मोबाइल का उपयोग करने, बच्चों के सामने धूम्रपान करने और विद्यालय में सोने संबंधी शिकायतें प्रमाणित पाई गईं।
वहीं, शासकीय प्राथमिक शाला दिनऊ, विकासखंड पलेरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक रामसिया कौल के खिलाफ बिना सूचना अनुपस्थित रहने और विभागीय कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई हुई। जांच में स्वीकृति के बिना अवकाश पर रहने तथा यू-डाइस, एसएचव्हीआर और चाइल्ड ट्रैकर जैसे पोर्टल पर आवश्यक कार्य नहीं करने की बात सामने आई।
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शासकीय प्राथमिक शाला कोटराखेरा बूदौर के शिक्षक अरविन्द कुमार चौरसिया के खिलाफ विद्यालय बंद मिलने, अनुपस्थित रहने, छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास नहीं करने और शैक्षणिक कार्य में उदासीनता पाए जाने पर कार्रवाई की गई। इसी विद्यालय के शिक्षक जगत कुमार अहिरवार के खिलाफ भी विद्यालय संचालन, उपस्थिति और शिक्षण कार्य में लापरवाही के आरोप जांच में सामने आए।
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षकों का प्रमुख दायित्व है। विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, अनुशासन और प्रभावी शिक्षण कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।