विवेक श्रोत्रिय टीकमगढ़ कलेक्टर। फाइल फोटो
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय का चयन दक्षिण कोरिया में आयोजित होने वाले विशेष अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों से चुनिंदा प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दक्षिण कोरिया जा रहे हैं। उनके साथ मध्यप्रदेश के कुल चार अधिकारी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
इस मुद्दे पर होगा विचार-विमर्श
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 मार्च से 20 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान भारतीय अधिकारियों का दल दक्षिण कोरिया की चुनावी प्रणाली, मतदान प्रबंधन, तकनीकी उपयोग और पारदर्शी निर्वाचन व्यवस्था का गहन अध्ययन करेगा। इस दौरान दोनों देशों के निर्वाचन तंत्र से जुड़े अधिकारी अपने-अपने अनुभव साझा करेंगे और चुनावी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए विचार-विमर्श भी करेंगे।
चार सदस्यीय दल जा रहा दक्षिण कोरिया
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह चार सदस्यीय दल भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर दक्षिण कोरिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वहां की राजनीतिक व्यवस्था के साथ-साथ मतदान प्रक्रिया और चुनाव प्रबंधन की गतिविधियों को बारीकी से समझा जाएगा। साथ ही भारतीय निर्वाचन प्रणाली के बारे में भी वहां व्याख्यान और प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिससे दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर बेहतर समझ विकसित हो सके।
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आधुनिक निर्वाचन प्रबंधन, डिजिटल वोटिंग सिस्टम, चुनावी पारदर्शिता और तकनीक आधारित मतदान व्यवस्था को समझना है। दक्षिण कोरिया की उन्नत और तकनीक-संचालित चुनाव प्रणाली विश्वभर में उदाहरण मानी जाती है, इसलिए वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन भारतीय अधिकारियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
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कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के इस चयन को टीकमगढ़ जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों के लोगों ने इसे जिले के लिए गौरव की बात बताया है। इस प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव और ज्ञान का उपयोग भविष्य में भारत और मध्यप्रदेश की निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी बनाने में किया जा सकेगा। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद यह प्रतिनिधिमंडल 22 मार्च को भारत वापस होगा।