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Tikamgarh News: भीषण गर्मी में भी थमा नहीं जनसेवा का जज्बा, 42 डिग्री में केंद्रीय मंत्री लगा रहे जन चौपाल

Tue, 20 May 2025 01:54 PM IST
टीकमगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़

सार

टीकमगढ़ लोकसभा के सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक इन दोनों अपने संसदीय क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में जांचौपाल का आयोजन कर रहे हैं
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केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र खटीक की जन चौपाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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टीकमगढ़ में तेज गर्मी पड़ रही है, तापमान 42 डिग्री के पार है। लेकिन डॉ. वीरेंद्र खटीक जनसेवा में लगे हुए हैं। अपनी सादगी और सरलता के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. खटीक आठ बार से लगातार सांसद हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। इसके बावजूद उनमें कोई घमंड नहीं है। वे अक्सर बाइक या टैक्सी से चलते हैं और अपने क्षेत्र में जन चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं।
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जन चौपाल की तस्वीरें साफ बताती हैं कि लोग उन्हें कितना पसंद करते हैं। यही वजह है कि वे लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं और हर बार उनका जीत प्रतिशत बढ़ता जा रहा है। वे मध्य प्रदेश के पहले सांसद हैं जिन्होंने अब तक एक भी चुनाव नहीं हारा है। डॉ. खटीक सुबह हो या शाम, गर्मी हो या बारिश-हर मौसम में लोगों के बीच रहते हैं। ऐसा लगता है जैसे मौसम का उनके शरीर पर कोई असर नहीं होता। उनके दिल में गरीबों के लिए कुछ करने का जज़्बा है और वे लगातार बुंदेलखंड जैसे पिछड़े इलाके में मेहनत कर रहे हैं। उनकी राजनीति में कोई दलाल या दिखावा नहीं होता। वे सीधे आम लोगों से मिलते हैं और उनकी बात सुनते हैं। यही वजह है कि उनकी लोकप्रियता कभी कम नहीं हुई। संघ की विचारधारा से आने के बावजूद डॉ. खटीक की छवि कभी कट्टरपंथी नहीं रही। उनके लिए हर इंसान इंसान है, चाहे वह किसी भी धर्म का क्यों न हो।

1 महीने से लगातार जन चौपाल कर रहे हैं डॉ. वीरेंद्र खटीक

टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. वीरेंद्र खटीक बीते एक महीने से लगातार जन चौपाल का आयोजन कर रहे हैं। टीकमगढ़ जिले की तीन, निवाड़ी जिले की दो और छतरपुर जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों में वे लगातार जनता से मिल रहे हैं। 42 डिग्री की तेज गर्मी के बावजूद वे पेड़ों की छांव में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और तुरंत अधिकारियों को समाधान के निर्देश भी देते हैं।
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डॉ. खटीक बताते हैं कि उन्होंने जन चौपाल की शुरुआत सागर लोकसभा सीट से की थी, जब उन्होंने पहला चुनाव जीता था। उनका मानना है कि जन चौपाल से सीधे उन लोगों से जुड़ाव होता है जो जिला मुख्यालय या दिल्ली जाकर अपनी समस्या नहीं बता पाते।

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जन चौपाल में सीधे जनता से बात होती है और उन्हें उनकी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं जानने का मौका मिलता है। डॉ. खटीक कहते हैं कि भारत में सदियों से चौपाल की परंपरा रही है, जहाँ गांव के लोग मिलकर अपनी समस्याओं पर बात करते थे और समाधान निकालते थे। उसी परंपरा को उन्होंने अपनाया है।
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जब उनसे पूछा गया कि इतनी गर्मी में जहां बाकी नेता और अधिकारी एसी कमरों में रहते हैं, तो वे खुले में चौपाल क्यों लगाते हैं? इस पर डॉ. खटीक ने कहा, "मेरे लिए असली वातानुकूलित कमरा वही है जहाँ गरीब लोग रहते हैं, जो पेड़ की छांव में अपनी दोपहरी गुजारते हैं।"

 

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