केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक ने भीषण गर्मी के बीच सागर से टीकमगढ़ तक यात्री बस में सफर कर ईंधन बचत, सादगीपूर्ण जीवन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। करीब 140 किलोमीटर की यात्रा के दौरान उन्होंने आम लोगों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने और फिजूल खर्च से बचने के लिए प्रेरित किया।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक ने रविवार को सागर से टीकमगढ़ तक करीब 140 किलोमीटर का सफर यात्री बस में तय कर आमजन को ईंधन बचत, सादगीपूर्ण जीवन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 42 डिग्री तापमान और भीषण गर्मी के बीच केंद्रीय मंत्री का यह सादा और जनसामान्य से जुड़ा सफर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
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डॉ. वीरेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत संबंधी अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में पेट्रोल-डीजल सहित अन्य ईंधनों की बचत करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि छोटे-छोटे प्रयास किए जाएं तो देश ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा सकता है।
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केंद्रीय मंत्री ने आम यात्रियों से बातचीत की
यात्री बस में करीब 140 किलोमीटर की यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने आम यात्रियों से बातचीत की और उन्हें फिजूल खर्च से बचने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर ई-रिक्शा जैसे पर्यावरण अनुकूल साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा विषय है।
टीकमगढ़ पहुंचने पर नए बस स्टैंड में केंद्रीय मंत्री ने मानवीय संवेदना समिति के सदस्यों के साथ मिलकर यात्रियों को निशुल्क पेयजल वितरित किया। इस दौरान उन्होंने समिति के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में लगातार 18 वर्षों से यात्रियों को निःशुल्क पेयजल उपलब्ध कराना सराहनीय और प्रेरणादायक कार्य है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा का यह भाव अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बनना चाहिए।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री नए बस स्टैंड से सांसद निवास तक ई-रिक्शा से पहुंचे। उन्होंने कहा कि छोटी दूरी के लिए ई-रिक्शा और अन्य पर्यावरण अनुकूल साधनों का उपयोग बढ़ाना समय की आवश्यकता है। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि प्रदूषण भी कम होगा।