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काम में लापरवाही पड़ी भारी: बल्देवगढ़ के बाल विकास परियोजना अधिकारी निलंबित, विभाग ने गिनाईं अनियमितताएं

Thu, 20 Aug 2026 01:26 PM IST
टीकमगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़

सार

नियमों की अनदेखी और शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने के मामले में बल्देवगढ़ के बाल विकास परियोजना अधिकारी को विभाग ने निलंबित कर दिया है। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है, वहीं अधिकारी ने कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया।
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परियोजना अधिकारी महेश दोहरे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महिला एवं बाल विकास विभाग ने बल्देवगढ़ बाल विकास परियोजना अधिकारी महेश दोहरे को शासकीय कार्यों में लापरवाही, नियमों के विपरीत प्रक्रिया अपनाने और शिकायतकर्ता पर कथित दबाव बनाने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से निलंबन आदेश 19 अगस्त 2026 को जारी किया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय महिला एवं बाल विकास सागर संभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय में रहेगा।
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विभागीय आदेश के अनुसार बल्देवगढ़ क्षेत्र में एक नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान ग्राम स्तर पर सार्वजनिक सूचना जारी नहीं करने और योग्य आवेदकों को अवसर नहीं देने की शिकायत सामने आई थी। विभाग ने प्रथम दृष्टया इसे निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत मानते हुए गंभीरता से लिया।

साथ ही परियोजना अधिकारी को हर महीने कम से कम 12 दिन क्षेत्र भ्रमण कर 24 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करना था। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल और मई 2026 के दौरान निर्धारित 48 निरीक्षणों के मुकाबले केवल 17 निरीक्षण किए गए, जो कि तय लक्ष्य का करीब 35 प्रतिशत ही था। इसके अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी के निरीक्षण में सामने आई कमियों पर 10 दिन के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन विभाग के अनुसार परियोजना अधिकारी ने निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की।
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मामला उस समय और चर्चा में आया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि खुड़ो नजरदारी निवासी अशोक तन्मय छक्कीलाल ने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी। विभाग के आदेश के मुताबिक शिकायत बंद कराने के लिए परियोजना अधिकारी की ओर से कथित तौर पर दबाव बनाया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि वायरल वीडियो में शिकायतकर्ता के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक तरीके से बातचीत किए जाने की बात सामने आई थी।

महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने इन मामलों को शासकीय कार्य में घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता मानते हुए महेश दोहरे को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास, सागर संभाग रहेगा।
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महेश दोहरे बोले- एकतरफा कार्रवाई हुई
निलंबित परियोजना अधिकारी महेश दोहरे ने विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो वायरल वीडियो की जांच कराई गई और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया। दोहरे का कहना है कि उन्हें मामले में अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं मिला।
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