टीकमगढ़ के मोहनगढ़ थाना पुलिस ने घंसु प्रजापति हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज 48 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई पर मृतक के परिजनों ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
दो जुलाई को दर्ज किया गया मामला
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को थाना मोहनगढ़ में हत्या संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर थाना मोहनगढ़ में अपराध क्रमांक 160/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 309(1), 296(बी), 315(2), 118(1), 351(3), 191(2), 191(3) तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) एवं 3(2)(वी) के तहत मामला दर्ज किया गया।
जानें किसे-किसे गिरफ्तार किया गया?
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मोहनगढ़ के उपनिरीक्षक अंकित दुबे ने पुलिस टीम के साथ तत्काल जांच शुरू की। जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रकाश कुशवाहा (36 वर्ष) एवं चंद्रभान कुशवाहा (42 वर्ष), निवासी ग्राम ककरेला, थाना बार, जिला ललितपुर (उत्तर प्रदेश), खुशीराम यादव (48 वर्ष), निवासी पटनापुर, रामराजा यादव (25 वर्ष), निवासी पटनापुर तथा विद्याधर यादव (58 वर्ष), निवासी कुंवरपुरा शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक कार्रवाई के बाद उन्हें माननीय न्यायालय टीकमगढ़ में पेश किया।
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परिजनों कहा- हत्या में एक दर्जन से अधिक लोग शामिल थे
दूसरी ओर, मृतक घंसु प्रजापति के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का आरोप है कि इस हत्याकांड में एक दर्जन से अधिक लोग शामिल थे, जिन्होंने मिलकर हमला किया था। उनका कहना है कि पुलिस ने केवल पांच लोगों को आरोपी बनाया है, जबकि कई अन्य आरोपियों के नाम जानबूझकर प्रकरण में शामिल नहीं किए गए हैं।
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। इस बीच, हत्याकांड और जांच को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।