टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय का ग्राम जुड़ावन दौरा चर्चा में है। ‘प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत कलेक्टर ने गांव में चौपाल लगाई, समस्याएं सुनीं और तालाब किनारे खेत में खाट पर रात बिताकर ग्रामीण जीवन को करीब से महसूस किया। लेकिन मजा तब आ गया जब एक किसान ने कलेक्टर श्रोत्रिय को नमक वाली चाय पिला दी। लेकिन उनका जबाव क्या रहा जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर?
टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय का ग्राम जुड़ावन दौरा इन दिनों जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। 'प्रशासन गांव की ओर' अभियान के तहत शुक्रवार रात कलेक्टर गांव पहुंचे थे, लेकिन इस दौरे की सबसे खास बात रही खेत में बिताई गई उनकी रात और सुबह किसान परिवार के साथ हुई एक छोटी सी घटना, जिसने सभी का दिल छू लिया।
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कलेक्टर शुक्रवार रात ग्राम जुड़ावन और बम्हौरी मड़िया पहुंचे। यहां उन्होंने एसडीएम संस्कृति लिटौरिया और तहसीलदार सत्येंद्र गुर्जर के साथ ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। राजस्व से जुड़े करीब 35 प्रकरणों का मौके पर निराकरण किया गया। कलेक्टर ने हितग्राहियों के मोबाइल नंबर भी नोट किए, ताकि आदेश बनने के बाद सीधे लोगों से संपर्क कर जानकारी दी जा सके। ग्रामीणों से बातचीत के बाद कलेक्टर ने गांव में ही चूल्हे पर बना भोजन किया।
तालाब किनारे खेत में खाट डालकर कलेक्टर ने बिताई रात
दौरा समाप्त होने के बाद कलेक्टर वापस लौटने के बजाय गांव में ही रुक गए। जुड़ावन गांव में तालाब किनारे एक खेत में खाट डालकर उन्होंने रात बिताई। उनके साथ तहसीलदार भी मौजूद रहे। खुले आसमान के नीचे गांव की मिट्टी और प्रकृति के बीच बिताई गई यह रात कलेक्टर के लिए भी खास अनुभव रही। उन्होंने बताया कि लंबे समय बाद इस तरह गांव के बीच रात बिताने का अवसर मिला और सुबह पांच बजे अपने आप नींद खुल गई।
नीम की दातून करके सुबह गांव की पगडंडियों पर निकल पड़े कलेक्टर
सुबह उठकर उन्होंने नीम की दातून की और गांव की पगडंडियों पर घूमने निकल पड़े। इसी दौरान वह एक किसान के खेत पर पहुंचे, जहां किसान का बेटा चूल्हे पर चाय बना रहा था। कलेक्टर वहीं, किसान के साथ बैठ गए। कुछ देर बाद लड़का चाय लेकर आया। जैसे ही कलेक्टर ने पहली चुस्की ली, उन्हें चाय में नमक का स्वाद महसूस हुआ। उन्होंने मुस्कुराते हुए किसान से पूछा कि क्या वे नमक वाली चाय पीते हैं? किसान ने जब खुद चाय चखी तो पता चला कि लड़के ने गलती से शक्कर की जगह नमक डाल दिया था।
'यह चाय जिंदगी भर याद रहेगी'
इस पर कलेक्टर नाराज होने के बजाय हंस पड़े और बोले, “यह चाय जिंदगी भर याद रहेगी।” कलेक्टर की सादगी और सहज व्यवहार से किसान परिवार भी भावुक हो गया। दौरे के दौरान कलेक्टर ने खेतों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बहुत कम किसान खेती करते नजर आए, जबकि गर्मी में उड़द और मूंग जैसी फसलें किसानों की आय बढ़ा सकती हैं। उन्होंने ग्रामीण युवाओं से रोजगार और पारंपरिक कार्यों को लेकर भी चर्चा की।