टीकमगढ़ के खरगापुर क्षेत्र में करंट लगने से किसान दंपति की दर्दनाक मौत हो गई। खेत की बाड़ में लगाए गए अवैध बिजली तार की चपेट में आने से हादसा हुआ, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
टीकमगढ़ जिले के खरगापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गुना गांव में शनिवार को एक हृदयविदारक हादसा सामने आया, जहां करंट लगने से एक किसान दंपति की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने मामले में लापरवाही बरतने वाले पड़ोसी किसान को गिरफ्तार कर लिया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय वंशी उर्फ टुंडा आदिवासी अपनी 63 वर्षीय पत्नी गणेशी आदिवासी के साथ अपने खेत की ओर जा रहे थे। उनके खेत तक पहुंचने का रास्ता पड़ोसी किसान बिरजू अहिरवार के खेत से होकर गुजरता है। बताया गया है कि बिरजू अहिरवार ने अपनी फसल को आवारा पशुओं से बचाने के लिए खेत की बाड़ में अवैध रूप से करंट प्रवाहित तार लगा रखा था।
शनिवार को क्षेत्र में हुई बारिश के कारण खेतों के आसपास पानी भर गया था, जिससे स्थिति और अधिक खतरनाक हो गई। जैसे ही दंपति उस रास्ते से होकर गुजर रहे थे, वे करंट प्रवाहित तार की चपेट में आ गए। उनके साथ चल रही एक बकरी भी करंट की चपेट में आ गई। हादसा इतना भीषण था कि पति-पत्नी और बकरी की मौके पर ही मौत हो गई।
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'जांच में स्पष्ट रूप से लापरवाही सामने आई है'
घटना की सूचना मिलते ही खरगापुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। थाना प्रभारी अंबर सिंह सिकरवार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में स्पष्ट रूप से लापरवाही सामने आई है, क्योंकि बिना सुरक्षा उपायों के इस तरह करंट का उपयोग करना गंभीर अपराध है।
पुलिस ने आरोपी बिरजू अहिरवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 325 सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस घटना ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है, वहीं लोग प्रशासन से ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।