टीकमगढ़ के जतारा तहसील की ग्राम पंचायत हृदयनगर में अपात्र परिवार का फर्जी तरीके से बीपीएल कार्ड बनाए जाने का मामला सामने आया है। जांच में पंचायत सचिव और हल्का पटवारी की भूमिका सामने आने के बाद कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने पंचायत सचिव परशुराम मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, हल्का पटवारी पुष्पेंद्र सिंह खंगार के खिलाफ दो वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
दरअसल, छह सितंबर 2026 को हृदयनगर निवासी रामदेवी पत्नी हरिकिशन अहिरवार ने शिकायत की थी कि शीला पत्नी मनोहरलाल श्रोतिय का बीपीएल कार्ड गलत तरीके से बनाया गया है। मामले की जांच राजस्व निरीक्षक जतारा से कराई गई। जांच में सामने आया कि शीला के पति मनोहरलाल श्रोतिय के नाम हृदयनगर और पठरा में कुल 2.190 हेक्टेयर भूमि दर्ज है।
जांच के अनुसार बीपीएल पात्रता के लिए निर्धारित 52 अंकों में परिवार को वास्तविक रूप से 22 अंक प्राप्त हुए, जो अपात्रता की श्रेणी में आते हैं। आरोप है कि पंचायत सचिव ने भूमि संबंधी जानकारी छिपाते हुए तहसीलदार के समक्ष कूटरचित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और परिवार को महज 10 अंक दर्शाए। इसी रिपोर्ट के आधार पर 5 जून 2026 को बीपीएल सूची में नाम जोड़ने का आदेश जारी हुआ था।
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एसडीएम जतारा के प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने सचिव और पटवारी को तथ्य छिपाकर अनुचित लाभ पहुंचाने का दोषी माना। इसके बाद 6 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के तहत सचिव परशुराम मिश्रा को निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत टीकमगढ़ रहेगा। वहीं पटवारी पुष्पेंद्र सिंह खंगार को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की शास्ति प्रस्तावित की गई है।