फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tikamgarh News: बुजुर्ग ने किया देहदान, झांसी मेडिकल कॉलेज की टीम ले गई बॉडी

Tue, 01 Oct 2024 10:52 PM IST
टीकमगढ़ ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़

सार

टीकमगढ़ जिले के नगर करी में मंगलवार को एक बुजुर्ग की मौत हो गई। इसके बाद उनके शरीर का देहदान झांसी मेडिकल कॉलेज को किया गया।
विज्ञापन
रामेश्वर प्रसाद तिवारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टीकमगढ़ जिले के नगर कारी में रामेश्वर प्रसाद तिवारी के शरीर को देहदान कर दिया गया है। उन्होंने मंगलवार की दोपहर अपने घर पर अंतिम सांस ली थी और उनकी उम्र 96 वर्ष थी। जिन्होंने 15 वर्ष पूर्व अपना देहदान झांसी मेडिकल कॉलेज को कर दिया था।

विज्ञापन


टीकमगढ़ जिले की नगर पंचायत कारी की अध्यक्ष रही साधना पटेरिया के पिता रामेश्वर प्रसाद तिवारी जो शिक्षक थे, जिन्होंने अपना 15 वर्ष पहले देहदान करने की घोषणा की थी। मेडिकल को अनुबंध कर दिया था, जिनका मंगलवार की दोपहर को 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। इसके बाद झांसी मेडिकल कॉलेज को सूचना दी गई और मेडिकल कॉलेज की टीम पहुंची, जो डेड बॉडी को लेकर के झांसी रवाना हो गई है।

धूमधाम से हुई अंतिम विदाई
टीकमगढ़ के कारी गांव के रहने वाले शिक्षक रामेश्वर प्रसाद तिवारी का मंगलवार की दोपहर 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज को सूचना दी गई और दोपहर के बाद मेडिकल कॉलेज झांसी की एक एंबुलेंस पहुंची। जहां पर उन्हें स्थानीय लोगों ने धूमधाम से विदाई दी। घर से अर्थी उठी तो लोगों के चेहरे पर परिजनों के चेहरे पर गम नहीं, बल्कि खुशी थी कि शिक्षक रामेश्वर प्रसाद तिवारी ने जीते जी अपना देह दान कर दिया था। जो मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों के काम आएगा। उनका मानना था कि इससे बड़ा दुनिया में कोई दान नहीं होता है, जिसके चलते उन्होंने आज से 15 वर्ष पहले देहदान किया था।
विज्ञापन


देहदान करने वाली व्यक्ति के नहीं था बालक
कारी नगर के रहने वाले रामनारायण पांडे ने बताया कि मृतक रामेश्वर प्रसाद तिवारी के दो लड़कियां थी, जिसमें एक लड़की उनके साथ रहकर उनकी सेवा करती थी। उनके कोई लड़का नहीं था, जिसके चलते उन्होंने आज से 15 वर्ष पहले देहदान का संकल्प लिया था और स्वयं हस्ताक्षर किए थे। उनका मानना था कि उनके इस शरीर से मेडिकल लाइन में छात्रों को सीखने को कुछ मिलेगा चिकित्सा छात्रों और शोधकर्ताओं को मानव शरीर को समझने में मदद करने और विज्ञान की उन्नति के लिए देहदान महत्वपूर्ण माना जाता है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें