मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में शुक्रवार तड़के एक बाघ की मौत हो गई। कथित रूप से राजमार्ग पार करते समय एक वाहन की चपेट में आने से बाघ की मौत हो गई। उमरिया के वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) मोहित सूद ने पीटीआई को फोन पर बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर एनएच-43 पर यह दुर्घटना हुई। शुक्रवार तड़के लगभग तीन बजे किसी चार पहिया वाहन ने बाघ को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, बाघ के सभी अंग सलामत पाए गए हैं।
नेशनल हाइवे पर जागरूकता के लिए लगाए जाएंगे साइन बोर्ड
डीएफओ ने कहा कि यह संरक्षित वन क्षेत्र नहीं था और बाघ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से नहीं था। उन्होंने बताया कि इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इस क्षेत्र में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और चालकों को जागरूक करने के लिए राजमार्ग पर साइन बोर्ड लगाने के बारे में वन विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की गई है। सूद ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से एनएच-43 पर गति रोधक बनाने का भी अनुरोध किया है। इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कुछ अन्य आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे।