पुरोहित पूरी रात इशारों की सहायता से राजस्थान की उस लड़की से बात करते रहे। वह उससे प्रार्थना करते रहे कि वह इंटरनेट लाइन बंद ना करे। साथ ही उसे आश्वासन भी देते रहे कि वह अकेली नहीं है, उसके साथ देशभर के
बेहरे-मूक लोग भी हैं। इसके बाद उन्होंने राजस्थान पुलिस से लड़की के घर को ट्रैक कर उसे बचाने को कहा। जिसके बाद शुक्रवार को पुलिस उसके घर हनुमानगढ़ जिले पहुंची और दरवाजा तोड़ा। जब पुलिस लड़की के घर पहुंची तो पुलिस के साथ ही वहां से 1,000 किमी दूर इंदौर से पुरोहित और उसकी टीम भी लाइव थी। लड़की ने तब भी अपने गले में फंदा लगा रखा था। उसका परामर्श करते हुए तब तक 14 घंटे हो चुके थे।
पुरोहित ने आगे कहा कि मामला वास्तव में मंगलवार रात 10 बजे शुरू हुआ। उन्हें एक 26 साल की लड़की का कॉल आया जो कि उनसे मदद मांग रही थी। लड़की ने पुरोहित को बताया कि उसके पिता ने 16 साल तक उसके साथ रेप किया। उसका पहली बार रेप तब हुआ जब वह 10 साल की थी। हालांकि पुरोहित और उनकी पत्नी ने अगले दो दिनों तक लड़की की काउंसिलिंग की।
पुरोहित ने आगे बताया कि फिर उन्हें गुरूवार रात 9 बजे फोन आया। जिसमें उसने गले में फंदा लगाया हुआ था और वह सुसाइड करने की धमकी दे रही थी। फंदा सीलिंग फैन से भी बंधा हुआ था और लड़की पलंग पर खड़ी थी। वह बार बार कह रही थी कि वह सुसाइड करने जा रही है। वह तुरंत उस तक सहायता पहुंचाने में असमर्थ थे। पुरोहित ने आगे कहा कि वह अचंभित थे वह नजारा देखकर। लड़की के अनुसार उसने कॉल करने के लिए अपने किसी रिश्तेदार का फोन चुराया था।
ग्यानेन्द्र पुरोहित और उनकी पत्नी लगातार लड़की से बात कर रहे थे। दोनों जिन भी बेहरे-मूक लोगों को जानते हैं उनको फोन कर कह रह थे कि वह उस लड़की को फोन करें जो
सुसाइड करने की कोशिश कर रही है। पुरोहित ने आगे बताया कि लड़की को दुनिया भर से ऐसे लोगों का फोन आ रहा था जो उसे मदद और न्याय का आश्वासन दे रहे थे। मोनिका ने कहा कि
राजस्थान पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी और उन्हें यकीन दिलाने में समय लग गया कि वह लड़की को बचाएं।
पुरोहित ने इंदौर पुलिस से कहा था कि वह अपने राजस्थान के समकक्षों से बात करें। फिर शुक्रवार सुबह करीब 11.30 am आखिरकार राजस्थान पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। लड़की के गले में तब भी फंदा बंधा हुआ था और वह कूदने की तैयारी में थी। अगर पुलिस कुछ सेकेंड और लेट हो जाती तो लड़की नहीं बच पाती। हालांकि लड़की अब सुरक्षित है और उसे महिला आश्र्यस्थल पहुंचा दिया गया है।