मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की हर्रई मठ नामक पहाड़ी पर स्थित भगवान शंकर के प्राचीन मंदिर पर चट्टान धसकने से पुजारी समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
लिहाजा प्रशासन मलबा हटाने में जुटा हुआ है। महाशिवरात्रि के मौके पर गुफा में स्थित इस जागीर शिव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। घटना की सूचना के बाद प्रशासन ने मंदिर में प्रवेश का रास्ता बंद कर दिया। मृतकों में डॉली पांडे (35), निकिता पांडे (40) और मंदिर का पुजारी सरजीत शामिल है।
डॉली और निकिता एक ही परिवार की सदस्य हैं। मौके पर पहुंचे कलेक्टर ने मृतकों के परिवार को 10-10 हजार रुपये के मुआवजा देने की घोषणा की। इसके साथ ही दो जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पत्थर गिरने के बाद वहां मौजूद लोग चीखने लगे और भगदड़ मच गई। इसके पहले कि लोग बचने के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुंच पाते, पत्थरों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि भीड़ ज्यादा होने की वजह से पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे थे।