मप्र के बैतूल में माल भाड़े के लिए तीसरी रेल लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट की तैयारी रेल मंत्रालय ने शुरू कर दी है। इसके लिए लिडार सर्वे शुरू हो गया। सोमवार को हैदराबाद की कंपनी ने बैतूल पहुंचकर इसका सर्वे किया। इसके बाद इसकी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जाएगी।
रेल मंत्रालय ने विजयवाड़ा से इटारसी तक 950 किलोमीटर लंबा समर्पित फ्रेंट कॉरिडोर 'मालगाड़ी गलियारा' बनाना तय किया है। यह कॉरिडोर पैसेंजर ट्रैक से अलग होगा। तीसरी रेल लाइन से सिर्फ मालवाहक गाड़ियां ही निकलेंगी। इस कॉरिडोर के सर्वे के लिए हैदराबाद की कंपनी आरबी एसोसिएट्स को काम सौंपा गया है। कंपनी ने सोमवार को हेलीकॉप्टर के जरिए इस कॉरिडोर का सर्वे किया।
पैसेंजर ट्रैक से अलग होगा फ्रेट कॉरिडोर
कंपनी के इंजीनियर विधेश कुमार सिंह ने बताया कि रेल मंत्रालय का यह मुख्य प्रोजेक्ट है। इसके तहत अलग से ट्रैक बिछाया जाना है। जो पैसेंजर ट्रैक से अलग होगा। इसके लिए हैदराबाद की सर्वे टीम को काम दिया गया है।
लिडार बॉक्स के जरिए भूमिगत सर्वे
कंपनी ने कॉरिडोर के लिए विजयवाड़ा से इटारसी तक लिडार सर्वे शुरू किया है। हेलीकाप्टर पर लगे लिडार बॉक्स के जरिए भूमिगत सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के बाद डेटा इकट्ठा कर डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जाएगी। यह रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंपी जाएगी। इसके बाद ही नया ट्रैक बन सकेगा।
माल गाडियों की रफ्तार बढ़ेगी
बता दें, डीएफसी (डेडीकेटेड फ्रेंट कॉरिडोर) बनाने के लिए दिल्ली स्थित निगम कार्य कर रहा है, जो दिल्ली से हैदराबाद तक बनने वाली तीसरी लाइन का सर्वे कर रहा है। मालवाहक गाड़ियों के लिए बनने वाले इस कॉरिडोर के निर्माण से यात्री गाड़ियों की गति बढ़ जाएगी।