शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पद पर सबसे कम समय के लिए काबिज हुए अरविंद बागड़ी विधायक जीतू पटवारी के जरिए दिल्ली तक गोटे जमाई थी, लेकिन भोपाल के नेताअेां को विश्वास में नहीं लेने की भूल भारी पड़ गई और दिल्ली से बागड़ी को लेकर हुआ फैसला भोपाल में पलट गया। कमल नाथ ने अध्यक्ष पद होल्ड पर रखकर एक तीर से दो निशाने किए। एक तो जीतू पटवारी की पसंद को उन्होंने खारिज कर यह संदेश दे दिया कि उन्हेें नजरअंदाज कर दिल्ली में मजबूत नहीं हुआ जा सकता है और दूसरा अब वे इंदौर मेें उनकी पसंद का अध्यक्ष बनाकर सकते है।
भारत जोड़ो यात्रा जम्मू-कश्मीर में पहुंच चुकी है और विधायक जीतू पटवारी भी यात्रा में शामिल होने जम्मू कश्मीर गए है। जब मध्य प्रदेश में कार्यकाारिणी के गठन और प्रदेश कार्यकारिणी घोषित होने की तैयारियों का उन्हें पता चला तो प्रदेश कार्यकारिणी के लिए उन्होंने कोई नाम आगे नहीं बढ़ाया, लेकिन इंदौर जिले के शहर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर उन्होंने अपने दोनो समर्थक अरविंद बागड़ी और सदाशिव यादव का नाम आगे बढ़ाया।नाम न कटे, इसलिए राहुल गांधी की निकटता का फायदा लेकर उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलि्लका अर्जुन खरगे और महासचिव केजी वेणूगोपाल को भी बागड़ी और यादव के नाम पर राजी किया।
बताते है कि जिला अध्यक्ष पद के लिए बलराम पटेल कमल नाथ की पसंद थे, लेकिन पटवारी ने सदाशिव यादव को अध्यक्ष बनवा दिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष के साथ शहर अध्यक्ष पद भी पटवारी को अपने समर्थक को दिलवाने की जिद दूसरे विधायकों को नागवार गुजरी, हालांकि वे खुलकर सामने नहीं आए, लेकिन वे बागड़ी के अध्यक्ष बनाए जाने पर वे गांधी भवन में भी नजर नहीं आए।
दिल्ली का फैसला भोपाल में कैसे पलट सकता है?
अरविंद बागड़ी को अध्यक्ष बनाए जाने का फैसला प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल द्वारा होल्ड पर रखे जाने को लेकर भी बागड़ी खेमा सवाल उठा रहा है। बागड़ी समर्थकों का कहना है कि जब सूची महासचिव केजी वेणूगोपाल ने जारी की थी तो फिर अध्यक्ष पद पर बागड़ी का नाम होल्ड पर रखे जाने का पत्र भी दिल्ली से ही जारी होना था।
नाथ को धन्यवाद करने भोपाल पहुंचे इंदौरी नेता
अरविंद बागड़ी का अध्यक्ष बनाए जाने पर मंगलवार सुबह इंदौर के नेताअेां ने भोपाल जाने की तैयारी की थी, लेकिन सोमवार रात को बागड़ी को अध्यक्ष बनाए जाने का फैसला होल्ड पर रख दिया गया। विरोध दर्ज कराने के लिए जाने वाले नेता सुबह कमल नाथ को धन्यवाद करने भोपाल पहुंचे। नाथ के सामने कुछ पार्षदों ने कहा िकि अब विधानसभा चुनाव में आठ माह ही बचे है, इसलिए किसी नए नेता को अध्यक्ष बनाने के बजाए बाकलीवाल को ही अध्यक्ष रहने दिया जाए।