सीएम पत्नी साधना सिंह के साथ फिल्म देखने पहुंचे
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द कश्मीर फाइल्स फिल्म देखने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ उनकी पत्नी साधना सिंह भी पहुंची थीं। शिवराज सिंह चौहान ने फिल्म देखने से पहले कहा कि मैं परिवार के साथ फिल्म देखने आया हूं। फिल्म उस बर्बरता की सच्चाई को उजागर करती है, जो अपने कश्मीरी बहनों और भाइयों ने भुगती है। अपने परिजनों के सामने बहन और बेटियों की इज्जत तार-तार कर दी गई। बर्बर हमलों में भारत माता के बेटे और बेटी मार दिए गए। अपनी इज्जत, सम्मान और जान की रक्षा के लिए भारत माता के बेटे-बेटियों को कश्मीर छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
सीएम ने कहा कि उस काले इतिहास के बारे में जब पढ़ते हैं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आत्मा रोती है कि आजादी के बाद हमारे देश की धरती पर हमारे भाई-बहनों के साथ ऐसा अमानवीय अत्याचार हुआ। शिवराज सिंह ने कहा कि उसी बर्बरता को फिल्म द कश्मीर फाइल्स बयान करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अभी फिल्म देखूंगा, लेकिन फिल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री और अनुपम खेर जी को बधाई देता हूं। उनके साहस को प्रणाम करता हूं। सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने फिल्म को टैक्स फ्री किया है। मैं अपने परिवार के साथ फिल्म देखने जा रहा हूं। बाकी लोगों से अपील करता हूं कि वह भी फिल्म देखें।
फिल्म का विरोध करने वालों को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चाई सभी को देखना चाहिए। जो नहीं देख रहे हैं वह जानबुझकर आंखों पर पट्टी बांधना चाहते हैं। जो देश और हमारे बेटे-बेटियों ने भुगता है, उस सच को जानना चाहिए। सीएम ने कहा कि हमारे कश्मीरी भाई-बहन वहां दोबारा कैसे बसें यह हमारा फर्ज है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कश्मीर में धारा 370 समाप्त हुई है। अनेक बदलाव और परिवर्तन कश्मीर में आ रहे है। आशा और विश्वास जगा है।
कश्मीरी पंडितों के बेघर होने की कहानी
अनुपम खैर और मिथुन चक्रवर्ती स्टारर फिल्म द कश्मीर फाइल्स शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म में 90 के दशक में कश्मीरी पंडितों को घर से बेघर करने की कहानी को दिखाया गया है। वैसे तो जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़ी कई फिल्में अब तक आ चुकी हैं लेकिन अब एक ऐसी फिल्म आई है जिसमें दिखाया गया है कि कैसे आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों को उनके घरों से भागने के लिए मजबूर कर दिया था।