किसान आंदोलन की आंच मप्र में भी दिखाई दे रही है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के आह्वान पर देशभर के किसान दिल्ली की ओर कूच कर चुके हैं। खरगोन समेत मप्र के अन्य जिलों से आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे किसानों ने पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। किसान महासंघ के तीन पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद किसान आक्रोशित दिखाई दिए, उन्होंने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। महासंघ के पदाधिकारियों ने कृषि उपज मंडी में बैठक की और फिर एसपी कार्यालय पहुंचकर गिरफ्तार किए गए पदाधिकारियों की रिहा करने के लिए भी प्रदर्शन किया।
संपत्ति खोद रही भारत सरकार
किसान महासंघ के गोपाल पाटीदार ने कहा कि केंद्र सरकार को वादे याद दिलाने के लिए हम दिल्ली जा रहे थे। लेकिन, यह बात सरकार को पंसद नहीं आई। उन्होंने किसानों को रोकने के लिए सड़क और पुलिया खोद दी है। जगह-जगह बैरिकेट्स लगाकर रास्ता रोक दिया गया है। उन्होंने कहा- सरकार देश की संपत्ति खोद रही है। जबकि, आंदोलन तो हर युग में स्वीकार किया जाता है। भगवान राम ने भी धोबी के झूठे आंदोलन को स्वीकार किया था।
राजा अपनी जिद पर, हम गिरफ्तारियां देंगे
किसान नेताओं की गिरफ्तारी पर पाटीदार ने कहा कि यह जो गिरफ्तारियां हो रही हैं ये अगली क्रांति का आगाज है। राजा अपनी जिद पर है, वह गिरफ्तारियां लेंगे और हम गिरफ्तारियां देंगे। अभी तक हमारे जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री और जिला संगठन मंत्री की गिरफ्तारियां जिले में हुई हैं। वहीं, मध्य प्रदेश में 100 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमारे साथियों को बातचीत के बहाने बुलाया और फिर धारा 151 में गिरफ्तार कर लिया। उन्हें, जमानत भी नही दी जा रही है। किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। यह देश के राजा की नाकामी है, जो नाकामी दिखाने वालों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं। यदि, सरकार गिरफ्तारी कर आवाज दबा सकती है, तो हम अपनी गिरफ्तारी देने को तैयार हैं, लेकिन यह ध्यान रखना कि आपकी जेले कम पड़ जाएगी, लेकिन गिरफ्तारी देने वाले कम नहीं पड़ेंगे।