जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर धनगांव थानान्तर्गत सुलगांव में 15 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर शिक्षक की प्रताड़ना और मारपीट से तंग आकर अपने घर में शुक्रवार को फांसी लगाकर खुदकशी कर ली। पुलिस के मुताबिक छात्र ने अपने सुसाइड नोट में स्कूल के शिक्षक कादिर अली द्वारा कथित तौर पर हिन्दू होने के कारण उसे प्रताड़ित और मारपीट करने की बात कही।
खंडवा जिला पुलिस अधीक्षक रुचि वर्धन मिश्रा ने बताया, ‘‘स्कूल प्रबंधन ने जानकारी दी है कि छात्र को अनुशासनहीनता के कारण डांटा गया था। छात्र मोबाइल फोन स्कूल में लेकर आता था, जिस पर उसके शिक्षक ने आपत्ति की थी। छात्र की अनुशासनहीनता की शिकायत उसके पिता से भी की गई थी।
जिन्होंने उसे (छात्र को) स्कूल से नहीं निकालने के लिये आग्रह किया था। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने यह स्वीकार किया कि शिक्षक ने लकड़ी के स्केल से छात्र की पिटाई की थी।’’ उन्होंने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर इसकी विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस ने संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर लिये हैं हालांकि घटना के बाद से शिक्षक फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
धनगांव पुलिस थाना प्रभारी हरीश रावत ने बताया कि अमन सुलगांव के एक निजी एमएच पब्लिक स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था। शुक्रवार दोपहर को स्कूल के शिक्षक ने अनुशासनहीनता के चलते उसे डांटा और सजा दी थी। इसके बाद स्कूल से घर वापस आने के बाद अमन ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के वक्त परिवार के अन्य सदस्य खेतों पर गये हुए थे।
अमन के पिता विजय राठौर ने सुसाइड नोट मीडिया को दिखाते हुए कहा कि उनके बेटे की मौत शिक्षक की मारपीट की वजह से हुई है। उन्होंने दावा किया कि अमन को बुरी तरह से पीटा गया और इसमें लकड़ी के दो स्केल तक टूट गये। उन्होंने बताया कि शिक्षक ने स्कूल में शुक्रवार को उन्हें बुलाया था और अमन को स्कूल से निकालने की धमकी दी थी लेकिन हमारे स्कूल से वापस आने के बाद शिक्षक ने अमन से फिर मारपीट की।
टूटी फूटी और गलत हिन्दी में लिखे कथित सुसाइड नोट में छात्र ने लिखा है, ‘‘मैं अमन राठौर, मेरे मरने की वजह कादिर अली एमडी है और मैंने आज तक एक लाख रुपये बरबाद किये हैं। अगर आप हिन्दू हैं, तो मुझे न्याय मिले.....।’’