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भोजशाला में एक ही दिन होगी नमाज और पूजा

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मध्यप्रदेश के धार में स्थित भोजशाला एक बार फिर चर्चाओं के केन्द्र में है। वजह है 12 फरवरी शुक्रवार को पड़ने वाली वसंत पंचमी। इस दिन भोजशाला में हिंदू समुदाय को लोग पूजा करेंगे तो मुस्लिम वर्ग जुमे की नमाज अदा करेगा।
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एक ही दिन पड़ने वाले दोनों पर्वों के चलते प्रशासन की सांसे अटकी हुई हैं, क्योंकि पूर्व में इसी मामले को लेकर दोनों संप्रदाय आमने सामने आ चुके हैं। जिसके चलते जमकर हुई हिंसा हुई थी और कई दिन तक शहर की सांसे थमीं रही थी।

बता दें कि धार में स्थित भोजशाला पर हिंदू और मुस्लिम दोनों अपना अपना दावा जताते रहे हैं। हिंदूओं के अनुसार यह प्राचीन स्थल मां वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर है तो दूसरा मुस्लिम समुदाय इसे अपनी इबादगाह मानता है।
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विवादित स्‍थल पर दोनों समुदाय जताते हैं अपना हक

यही कारण है दोनों ही समुदाय पूजा और इबादत के लिए अपना अपना दावा करते रहे हैं। इस भोजशाला का संरक्षण वैसे एएसआई के जिम्मे है। एएसआई ने व्यवस्‍था कर रखी है कि मंगलवार को हिंदू यहां पूजा कर सकते हैं तो शुक्रवार के दिन मुस्लिम यहां नमाज अदा कर सकते हैं।

शेष दिन यह बाकी शहरवासियों के लिए खुला रहता है। लेकिन तीन साल पहले 2013 में वसंत पंचमी के दिन शुक्रवार होने के कारण दोनों दल यहां पूजा और नमाज के लिए अड़ गए ‌थे जिसके बाद जमकर बवाल हुआ था।

इससे पहले भी शुक्रवार के दिन कोई हिंदू पर्व पड़ने पर भी यहां तनाव के हालात बनते रहे हैं। इस बार फिर वसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ने के कारण प्रशासन और एएसआई की चिंता बढ़ी हुई है।
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पुलिस-प्रशासन की अटकी हुई हैं सांसे

हालांकि एएसआई ने इससे निपटने के लिए पूजा और नमाज की अलग अलग व्यवस्‍था की है। जिसके तहत 12 फरवरी को पहले सूर्योदय से 12 बजे तक हिंदू भोजशाला में पूजा कर सकेंगे, जबकि एक बजे से 3 बजे तक मुस्लिम यहां नमाज अदा कर सकेंगे।

इसके बाद 3.30 शाम तक हिंदूओं को पूजा करने की अनुमति होगी। लेकिन प्रशासन की टेंशन ये है कि 2013 में भी एएसआई ने ऐसी ही व्यवस्‍था की थी लेकिन हिंदू संगठनों की पूरे दिन पूजा करने के ऐलान के बाद हालात बिगड़ गए थे।

इस बार भी हिंदू संगठनों ने यही ऐलान कर दिया है। वहीं राज्य के गृहमंत्री बाबूलाल गौर का कहना है कि यहां तनाव जैसी कोई स्थिति नहीं है। कुछ लोग बिना वजह अफवाह उड़ा रहे हैं।
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