फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मध्यप्रदेश: स्कूल बंक करने पर चेहरे पर मली कालिख और गांव में घुमाया

Tue, 12 Sep 2017 05:58 PM IST
टीम डिजिटल,अमर उजाला/ नई दिल्ली
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र
विज्ञापन
स्कूलों में बच्चों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और हादसे कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। मामला मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले का है जहां  शिक्षकों ने विद्यार्थियों के स्कूल "बंक" करने पर उनके चेहरे पर कोयला मलकर गांव की सड़कों पर घुमाया।
विज्ञापन


 देवसर ब्लॉक के उबरी गांव के सरकारी मिडिल स्कूल के कक्षा 6 के 5 छात्र दो दिनों तक स्कूल नहीं आए तो शिक्षकों ने उनके मुंह पर कोयला मल दिया और गांव की गलियों में घुमाया ताकि वे दुबारा ऐसी हरकत न करें। माता-पिता शिक्षकों की शिकायत लेकर पहले स्कूल के प्रिसिंपल के पास पहुंचे, जब उन्होंने शिक्षकों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया तब वे कलेक्टर के पास पहुंचे।

 पढ़े: यूपी की बेसिक शिक्षा मंत्री बोलीं कोर्ट की अवमानना न करें शिक्षामित्र, विद्यालय जाएं
 
विज्ञापन

बच्चों को सार्वजनिक तौर पर अपमानित करने का हक किसी को नहीं है

छात्र
शिक्षकों की शिकायत लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि पहले स्कूल के एक शिक्षक रामदरश प्रजापति ने बच्चों के चेहरे पर कालिख लगाई फिर उनके साथ बुरा व्यवहार भी किया। शिक्षक ने बच्चे के चेहरे पर कोयले से दाढ़ी-मूंछ बनाई, फिर कहा कि अब ये बच्चे बड़े हो गए हैं,  इन्हें किसी की बातें सुनने की जरूरत नहीं है। फिर शिक्षकों ने बच्चों का पूरा चेहरा काला कर दिया और गांव की सड़कों पर घुमाया। 

शिक्षक बच्चों को तब तक घुमाते और परेशान करते रहे जब तक अभिभावक स्कूल नहीं पहुंचे। जब अभिभावकों ने बच्चों को इस तरह परेशान किए जाने के बारे में पूछा तो शिक्षकों ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि वो सिर्फ इंस्ट्रक्शन को फॉलो कर रहे हैं लेकिन, यह नहीं बताया कि उन्हें ये आदेश दिया किसने है। 

एचटी की खबर मुताबिक, बच्चों के साथ घटी इस घटना को कलेक्टर अनुराग चौधरी ने संजीदगी से लिया है और वे स्कूल प्रशासन और शिक्षको के खिलाफ जांच कर रहे हैं। चौधरी ने कहा कि बच्चों को सार्वजनिक तौर पर अपमानित करने का हक किसी को नहीं है। जांच के बाद, अगर जरूरी हुआ तो  स्कूल और शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।

  बता दें कि भारत सहित लगभग विश्व के सभी स्कूलो में शारीरिक दंड प्रतिबंधित है।  लेकिन बच्चों को स्कूलों में लगातार ऐसे दंड दिए जा रहे हैं जो क्षम्य नहीं है। पिछले दिनों हैदराबाद में स्कूल यूनिफॉर्म ठीक से नहीं पहनने के कारण 11 साल की एक लड़की को दंडित करने के लिए स्कूल में लड़को के बाथरूम में खड़ा कर दिया गया था। वहीं लखनऊ में कक्षा 3 के छात्र को 40 बार थप्पड़ मारा था। 

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें