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अंधविश्वास की हद पार, जिंदा करने के लिए मृत बालक को कब्र से बाहर निकलवाया

Sat, 02 Sep 2017 07:05 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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शव को बाहर निकालते लोग
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हम भले ही 21वीं सदी में जी रहे हों, लेकिन कई जगह हालात देखकर ऐसा नहीं लगता। ताजा मामले में एक तांत्रिक ने मृत को जिंदा करने की बात कही और परिजनों ने उसके कहे अनुसार कर भी लिया।
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घटना धौलपुर के सैंपऊ से जुड़ी है। यहां दो दिन पहले गुजर्राकला गांव के रहने वाले मोहर सिंह के नौ साल के बेटे छोटू को सांप ने डस लिया। इसके बाद परिजन उसे पास ही झाड़-फूंक करने वाले बाबा के पास ले गए। ऐसे में उसे सही समय पर ईलाज नहीं मिल सका और बच्चे की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने बालक का शव शुक्रवार को सुबह दफना दिया। इसी दौरान मध्यप्रदेश के रहने वाले एक रिश्तेदार ने मोहरसिंह को फिर एक तांत्रिक के बारे में बताया।

रिश्तेदार ने कहा कि वह ऐसे तांत्रिक को जानता है जो उसके बेटे को जिंदा कर देगा। मोहरसिंह ने उसकी बात मान ली। इसके बाद रिश्तेदार ने तांत्रिक से उसकी फोन के जरिये बात भी करवाई। फिर क्या था परिजन तांत्रिक के कहने पर बिल्कुल वैसा ही करने लगे जैसा कि उसने बताया। ये पूरा ड्राम करीब सत्रह घंटे तक चला।
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...लेकिन जिंदा नहीं हुआ बच्चा

शव के चारो ओर लगाई आग
तांत्रिक के कहने पर परिजनों ने छोटू के शव को शुक्रवार सुबह वापस कब्र से निकाला और गर्म पानी से नहलाया गया। गोबर का लेप पूरे शव पर किया। इसके बाद मिट्टी की ढाय बनाकर उसमें रख दिया। तांत्रिक के कहे अनुसार परिजनों ने शव को पूरी तरह नीम के पत्तों से ढका। चारों तरफ शव के आग जला दी गई। शाम को जब तांत्रिक खुद वहां पहुंचा तो ​फिर से एक नया ड्रामा शुरू हो गया। पूजा पाठ की गई और एक नली बच्चे के शव की नाक में डालकर उसके जरिये कोई द्रव्य पदार्थ अंदर डाला गया।

ऐसे ही ये सब करते-करते रात हो गई। इस दौरान यहां ये तमाशा देखने के लिए लोगों की खासी भीड़ भी जमा हो गई। आखिरकार जब कुछ नहीं हुआ तो अंत में वही हुआ जो होना था। बालक जिंदा नहीं हुआ और अंतत: परिजनों ने आज सुबह फिर शव को दफनाया।
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