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छात्र ने पीएम को खत में लिखी मन की बात, 'प्लीज हमें कुछ थाली दिलवा दो'

Thu, 08 Sep 2016 05:56 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : times of india
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मध्यप्रदेश में एक पिछड़े गांव के स्कूली बच्चे ने प्रधानमंत्री मोदी को खत लिखकर अपने मन की बात कही है। मोदी को संबोधित खत में छात्र ने लिखा कि 'प्रिय मोदी जी हमें कुछ थालियां दिलवा दी जाएं ताकि हम स्कूल में आराम से मध्याह्न भोजन कर सकें।' 
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छात्र ने लिखा 'हमारे स्कूल में बहुत सारे बच्चे हैं लेकिन थालियां कम हैं इसके चलते एक बार कुछ बच्चे ही भोजन कर पाते हैं जबकि बाकी भूखे रह जाते हैं। इसलिए हमें कुछ थालियां दिलवाई जाएं जिससे हम लोग एक साथ भोजन कर सकें।' 

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार रायसेन जिले के गैरतगंज में स्थित गर्वनमेंट मिडिल स्कूल में कक्षा आठ के छात्र गणेश अहिरवार ने प्रधानमंत्री मोदी को पोस्टकार्ड खिलकर अपने मन की बात कही है। वहीं उसकी क्लास की ही छात्र अर्चना कुमार ने प्रधानमंत्री को भेजे एक खत में स्कूल की बाउंड्री वाल बनवाने की मांग की है जिससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे बाहर चलने वाले वाहनों से सुरक्षित रह सकें। 
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छात्र ने लिखा थाली न होने से साथ भोजन नहीं कर पाते सभी साथी 

- फोटो : reuters
राजधानी भोपाल से 115 किलोमीटर दूर इस स्कूल के हेडमास्टर मुलामी लाल मालवीय ने बताया कि साल 2007 में सरकार की तरफ से बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए मात्र 65 थालियां भेजी गईं थी। 

उसके बाद से स्कूल में लगातार बच्चों की संख्या बढ़ी है और फिलहाल 165 के करीब बच्चे यहां पढ़ रहे हैं लेकिन थालियां उतनी ही हैं। हमने इस संबंध में कई बार जिला पंचायत को याद दिलाया है लेकिन उन्होंने ग्रांट न होने की बात कहते हुए कोई मदद नहीं की। 

मालवीय कहते हैं कि अगर बाजार कीमत से भी ‌थालियां खरीदी जाएं तो उनकी कीमत 20000 से ज्यादा नहीं पड़ेगी और हर बच्चे के हाथ में थाली आ जाएगी। लेकिन इस तरफ कोई ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। 

वहीं छात्र गणेश अहिरवार और अर्चना बताते हैं कि उन्हें यह आइडिया बीते महीने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की मध्यप्रदेश में आयोजित मध्य प्रदेश बाल अधिकार वेधशाला में दिए गए भाषण से मिला। उन्हें पता चला कि प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों के लिखे खत का जवाब दिया। वहीं बाल अधिकार वेधशाला की अध्यक्ष निर्मला बुच भी मानती हैं कि मध्यप्रदेश में स्कूलों में बच्चों के लिए सुविधाओं का काफी अभाव है। बिजली, पानी और बाउंड्री वाल की समस्या तो आम है।
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