मध्यप्रदेश में पबजी गेम की लत के चलते एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दरअसल, छात्र के मोबाइल का इंटरनेट पैक समाप्त हो गया था। उसने अपनी मां से रिचार्ज कराने के लिए कहा। मां ने कम पैसों का हवाला देते हुए रिचार्ज कराने से मना कर दिया, जिसके बाद छात्र ने फांसी लगा ली।
दरअसल, आईटीआई द्वितीय वर्ष के छात्र ने शनिवार इंटरनेट पैक खत्म होने पर मां से तीन महीने का रिचार्ज कराने के लिए कहा था। मां ने समझाया कि इन दिनों पैसे कम हैं, एक महीने का रिचार्ज करवा दूंगी। इस बात पर उसने पहले मां से झगड़ा किया फिर कमरे में जाकर फांसी लगा ली।
भोपाल के बागसेवनिया पुरानी बस्ती के निवासी वीरेश कुशवाहा राजमिस्त्री हैं। वे यहां पत्नी सविता और तीन बेटों के साथ रहते हैं। एसआई गजराज सिंह के मुताबिक वीरेश का 20 वर्षीय बड़ा बेटा नीरज प्राइवेट आईटीआई कर रहा था। वीरेश बागमुगालिया में एक प्लॉट पर अपना मकान बना रहे हैं। इसी सिलसिले में शनिवार सुबह वीरेश छोटे बेटे सूरज के साथ प्लॉट पर चले गए थे।
दोपहर करीब एक बजे सविता दोनों के लिए खाना लेकर प्लॉट पर पहुंची। उस वक्त नीरज घर पर अकेला था। प्लॉट पर पहुंचकर सविता ने पति से बताया कि नीरज पबजी गेम खेलने के लिए तीन महीने का इंटरनेट पैक का रिचार्ज करवाने की जिद कर रहा था। मैंने उसे एक महीने का रिचार्ज करवाने के लिए कहा तो मुझसे ही झगड़ने लगा।
नीरज के पिता ने पुलिस को बताया कि नीरज को पबजी गेम की लत लग चुकी थी। दिनभर वह मोबाइल फोन पर गेम ही खेलता रहता था। कभी-कभी तो रात में दो-तीन बजे नींद खुलती थी तब भी वह गेम खेलता हुआ मिलता था। इस वजह से वह किसी से बात तक नहीं करता था। कोई समझाता तो उससे भी झगड़ा कर लेता था। इस गेम के चलते उसने पूरे परिवार से ही दूरी बना ली थी।
दोपहर करीब ढाई बजे उसका भाई सूरज घर लौटा तो नीरज ने दरवाजा नहीं खोला। उसने खिड़की से झांका तो देखा कि नीरज फंदे पर लटका था। पड़ोसी की मदद से वह छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ और बड़े भाई को फंदे से उतारा। दोनों उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया।