नेशनल हेराल्ड के इंदौर ऑफिस पर जीएसटी का छापा
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नेशनल हेराल्ड केस को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी कठघरे में है। दिल्ली की सियासत में हंगामा हो रहा है। इधर, इंदौर में नेशनल हेराल्ड के दफ्तर पर स्टेट जीएसटी विभाग ने छापा मारा। इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने और टैक्स चोरी के लिए दस से अधिक कागजी फर्म बनाने की बात सामने आई है। शुक्रवार देर रात तक दस्तावेजों की जांच जारी थी।
इंदौर के प्रेस कॉम्प्लेक्स में नेशनल हेराल्ड का दफ्तर है। स्टेट जीएसटी ने अल्फा विजन ओवरसीज और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों की जांच की है। इन सभी फर्म का पता नेशनल हेराल्ड का दफ्तर बताया गया था। गुरुवार सुबह से शुरू हुई कार्यवाही शुक्रवार देर रात तक जारी थी। अधिकारियों के अनुसार बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का पता चला है।
विष्णु गोयल और उनकी पत्नी रेखा गोयल के पास इंदौर में नेशनल हेराल्ड और ग्लोबल हेराल्ड अखबार के प्रकाशन का अधिकार है। अल्फा विजन भी इनकी ही कंपनी है, जो अखबार के दफ्तर के पते पर बना रखी थी। स्टेट जीएसटी ने इसी कंपनी के दस्तावेजों की जांच की है। डिप्टी कमिश्नर पूर्णिमा चौरसिया के नेतृत्व में जांच जारी है। अधिकृत तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है। सूत्रों का दावा है कि 10 से ज्यादा फर्म रजिस्टर्ड हुई है और इनका उद्देश्य इनपुट क्रेडिट का लाभ उठाना था। बिलों की पड़ताल अधिकारी कर रहे हैं।
1998 में खरीदा था नेशनल हेराल्ड का स्वामित्व
विष्णु गोयल और रेखा गोयल की कंपनी शिवा पब्लिकेशन ने 1998 में नेशनल हेराल्ड के अधिकार खरीदे थे। 1983 में अर्जुन सिंह की सरकार ने अन्य मीडिया समूहों के साथ-साथ नेशनल हेराल्ड को भी प्रेस कॉम्प्लेक्स में सस्ते में जमीन आवंटित की थी। पिछले कुछ वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा है, जिसे लेकर नेशनल हेराल्ड इंदौर के दस्तावेजों को ईडी ने भी तलब किया था। इंदौर विकास प्राधिकरण इस जमीन का आवंटन निरस्त कर चुका है।