राज्य में सरकारी स्कूलों को अब हाइटेक बनाने की तैयारी चल रही है। स्कूलों में विद्यार्थी बोर न हों, तेजी से सीखें और आधुनिक तकनीक से रूबरू हो सकें, इसके लिए निजी स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास लगाने की तैयारी की जा रही है।
स्मार्ट क्लास में प्रोजेक्टर पर फिल्म के जरिए समस्याओं को सुलझाया जाएगा और बीच-बीच में संगीत भी सुनाया जाएगा। संगीत के जरिए पढ़ाई को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। विभाग इसके तहत स्कूलों में फुलप्रूफ साउंड सिस्टम लगाएगा, जिसमें संगीतमय प्रार्थना, भजन एवं ध्यान के अलावा दिशा निर्देश भी स्पीकर के जरिए अनाउंस किए जाएंगे।
बच्चों को पढ़ाई की ओर आकर्षित करने और उनकी बौद्धिक व तार्किक क्षमता बढ़ाने संबंधी बातों को ध्यान में रखकर स्मार्ट क्लास का कॉनसेप्ट लाया जा रहा है। माना जा रहा है कि बच्चे संगीतमय वातावरण में सही ढंग से सीख सकते हैं। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जा रहा है।
ऐसी व्यवस्था जबलपुर के एक स्कूल में भी दो साल पहले शुरू की गई थी। उसकी सफलता के बाद अब भोपाल के आठ हाईस्कूल एवं हायरसेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास लगाए जाने की तैयारी है। ये क्लासेज दिसंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है।