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Singrauli: प्रधान आरक्षक पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार, मामले का समझौता कराने के लिए ले रहा था पैसे

Fri, 20 May 2022 09:01 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगरौली

सार

रीवा लोकायुक्त ने सिंगरौली में एक प्रधान आरक्षक को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरक्षक फरियादी से एक मामले का समझौता कराने के लिए रिश्वत ले रहा था, वह रिश्वत की पहली किश्त के रूप में पांच हजार रुपये पहले ले चुका था।
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रिश्वत लेते प्रधान आरक्षक गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला
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रीवा लोकायुक्त पुलिस ने प्रधान आरक्षक को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामला सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत गोनर्रा चौकी का है। यहां पदस्थ प्रधान आरक्षक शिव कुमार पनिका को फरियादी विद्यासागर प्रजापति से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों ट्रैप किया है। रिश्वत के पैसों का लेन देन देवसर न्यायालय परिसर के सामने सड़क में  किया जा रहा था।
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विवाद का समझौता कराने ले रहा था रिश्वत
शिकायतकर्ता विद्या सागर प्रजापति का कुछ समय पहले किसी से विवाद हो गया था, इसी मामले का समझौता कराने के लिए प्रधान आरक्षक शिव कुमार पनिका 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता ने 5 हजार रुपये पूर्व में प्रधान आरक्षक को दे दिए थे। वह दूसरी किश्त के पांच हजार रुपये देने के लिए उस पर दबाव बना रहा था, जिसकी शिकायत विद्यासागर प्रजापति ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक रीवा गोपाल धाकड़ से की, शिकायत का सत्यापन कराए जाने के बाद उप पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक एवं निरीक्षक जिया उल हक के नेतृत्व में 8 सदस्य टीम ने देवसर न्यायालय परिसर के सामने सड़क पर जैसे ही शिकायतकर्ता ने प्रधान आरक्षक को 5 हजार रुपये की रिश्वत दी, वहीं खड़ी लोकायुक्त पुलिस ने प्रधान आरक्षक को रंगे हाथों पकड़ लिया। प्रधान आरक्षक की गिरफ्तारी के बाद महकमें में हड़कंप मच गया फिलहाल आगे की कार्रवाई की जा रही है।

रीवा लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल धाकड़ के नेतृत्व में रिश्वतखोर कर्मचारी अधिकारियों के खिलाफ जमकर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन बावजूद इसके शासकीय कार्यालयों में रिश्वत लेने के मामले थमते नजर नहीं आ रहे हैं।
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