सीधी जिले की कुसमी तहसील में विनोद कुमार दीवान नामक पटवारी को गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया। पटवारी ने साप्ताहिक राजस्व समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने के बाद शराब पीकर कार्यालय में प्रवेश किया।
सीधी जिले की कुसमी तहसील में प्रशासन ने शासकीय कर्मचारियों में अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। खरबर और चिनगवाह हल्का में पदस्थ पटवारी विनोद कुमार दीवान को गंभीर कर्तव्यहीनता, कार्यालय में लापरवाही और अमर्यादित व्यवहार के आरोपों में तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 के तहत की गई है।
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जानकारी के अनुसार 5 जनवरी 2026 को कुसमी एसडीएम द्वारा साप्ताहिक राजस्व समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सीएम हेल्पलाइन और फार्मर रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा प्रस्तावित थी। लेकिन संबंधित पटवारी बिना किसी सूचना के बैठक में उपस्थित नहीं हुए। जब राजस्व निरीक्षक मंडल ने उनसे संपर्क किया, तो उन्होंने किसी निजी काम के कारण अनुपस्थिति बताई।
मामला यहीं नहीं रुक गया। बैठक खत्म होने के लगभग चार घंटे बाद, शाम 4 बजे पटवारी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने शराब पीकर आने की बात स्वयं स्वीकार की। एसडीएम, नायब तहसीलदार और कार्यालय स्टाफ की उपस्थिति में उनका यह आचरण शासकीय सेवा नियमों के खिलाफ पाया गया और कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुंची।
जांच में यह भी पता चला कि पटवारी सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को समय पर निपटाने में लगातार उदासीन रहे। कई मामलों में न तो संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही समयसीमा में शिकायतें हल हुई, जिससे आम जनता को परेशानी उठानी पड़ी।
फार्मर रजिस्ट्री के काम में भी लापरवाही सामने आई। खरबर हल्का में 486 में से केवल 227 किसानों का पंजीयन हुआ, वहीं चिनगवाह हल्का में 1033 में से सिर्फ 221 किसानों का पंजीयन हुआ। कई नोटिस जारी होने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए पटवारी को निलंबित कर मुख्यालय तहसील कुसमी में रखने का आदेश दिया।