जिले के रामपुर नैकिन तहसील अंतर्गत खड्डी खुर्द गांव की बदहाल सड़क का मुद्दा अब राजनीतिक तकरार का रूप लेता नजर आ रहा है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर लीला साहू 14 सितंबर से ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठी हैं। इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मामले को लेकर एक्स पर सवाल उठाए हैं। पटवारी के ट्वीट के बाद कांग्रेस ने सड़क और ग्रामीणों की परेशानियों को लेकर सरकार तथा जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा है।
लीला साहू पिछले करीब दो वर्षों से खड्डी खुर्द से जुड़े सड़क मार्ग के निर्माण की मांग उठा रही हैं। हाल ही में उन्होंने सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा को लेकर भी तीखे बयान दिए और कहा कि यदि 2026 में सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो इसका राजनीतिक असर पड़ेगा। उनका आरोप है कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
गांव से तीन किलोमीटर पहले रुकी एंबुलेंस
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को अस्पताल ले जाने के लिए बुलाई गई एंबुलेंस के गांव तक नहीं पहुंच पाने का दावा सामने आया। इंफ्लुएंसर लीला साहू के अनुसार एंबुलेंस खराब सड़क और रास्ते की स्थिति के कारण गांव से करीब तीन किलोमीटर पहले रुक गई। इसके बाद महिला का प्रसव घर पर ही कराया गया।
लीला साहू का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण गांव के लोगों को इलाज, प्रसव और आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है। उनका दावा है कि यह समस्या अब केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी जुड़ गई है।
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जब मैं गर्भवती थी, तब हेलीकॉप्टर से उठाने की बात कही थी
लीला साहू ने सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे गर्भवती थीं, तब उन्हें कथित तौर पर कहा गया था कि उन्हें हेलीकॉप्टर से उठा लिया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आज जब उनके गांव की किसी महिला को वास्तव में मदद की जरूरत पड़ी तो सांसद का हेलीकॉप्टर दिखाई नहीं दे रहा है।
कांग्रेस के सवालों से बढ़ी सियासी हलचल
सड़क के मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की सक्रियता के बाद अब यह मामला प्रशासनिक समस्या से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद सत्ता पक्ष और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर सड़क निर्माण को लेकर जवाब देने का दबाव बढ़ सकता है।
वहीं लीला साहू का धरना जारी है। उनका कहना है कि जब तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। खड्डी खुर्द की सड़क को लेकर पिछले कई वर्षों से ग्रामीणों की मांग और जनप्रतिनिधियों से किए गए आग्रह अब एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। हालिया रिपोर्टों में भी 14 सितंबर से धरने और सड़क निर्माण की मांग का उल्लेख है।