इंदौर पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत 18 सितंबर को उज्जैन में युवा धर्म संसद को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में संघ के शताब्दी वर्ष, ढांचागत बदलावों और पंच परिवर्तन के लक्ष्यों पर गहन मंथन किया जाएगा।
संघ प्रमुख मोहन भागवत 17 सितंबर को दोपहर में इंदौर पहुंचे। यहां से वे उज्जैन पहुंचेंगे और 18 सितंबर शुक्रवार को स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे। संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख जयशंकर शर्मा ने बताया कि 18 सितंबर को वे युवा धर्म संसद में युवाओं से संवाद करेंगे। भागवत इंदौर में ही रात्रि विश्राम करेंगे। मप्र में यह पहला आयोजन है। देश में 6 आयोजन हो चुके हैं। इसमें स्वामी अवधेशानंद गिरि, मनोज मुन्तशिर और आईआईएम इंदौर के निदेशक हिमांशु राय भी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मध्यक्षेत्र का यह एक बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना जा रहा है। यह इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की मौजूदगी में संगठन के भीतर होने वाले बड़े ढांचागत बदलावों की रूपरेखा तय की जाएगी।
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संगठन महामंत्री के दायित्व पर भी होगा विचार
सरसंघचालक के संभावित दौरे और कार्यक्रम की तैयारियों के साथ-साथ, मध्य प्रदेश में संगठन महामंत्री के रिक्त पड़े दायित्व पर नियुक्ति को लेकर भी इस बैठक में प्रमुखता से विचार-विमर्श होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि बैठक में संभावित नामों पर मंथन के बाद एक सूची अंतिम निर्णय के लिए संघ मुख्यालय भेजी जाएगी।
'पंच परिवर्तन' के लक्ष्यों का रखा जाएगा लेखा-जोखा
कार्यक्रम के अन्य प्रमुख एजेंडे में संघ के शताब्दी वर्ष के लिए तय किए गए 'पंच परिवर्तन' के कार्यों की गहन समीक्षा शामिल है। अब तक इन पांच दिशा-निर्देशों पर धरातल पर कितना कार्य हुआ है और शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों की प्राप्ति किस स्तर तक हुई है, इसका विस्तृत लेखा-जोखा इस बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव के इन कार्यों को और गति दी जा सके।
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कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे ये प्रमुख अधिकारी
इस चिंतन और मंथन के कार्यक्रम में मध्यक्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में क्षेत्र प्रचारक स्वप्निल कुलकर्णी, कार्यवाह पुनेंदु सक्सेना, यशवंत इंदापूरकर, हेमंत मुक्तिबोध और विनीत नवाथे, प्रांत प्रचारक राजमोहन मुख्य रूप से शामिल होंगे, जो संगठन की भावी दिशा और गति तय करने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।