राजगढ़ की एसडीएम प्रिया वर्मा और कलेक्टर निधि निवेदिता (फाइल फोटो)
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शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लिए हुए बेशक अभी 24 घंटे भी नहीं बीते हैं लेकिन उन्होंने प्रशासनिक सर्जरी करना शुरू कर दिया है। राज्य की कमान संभालने के बाद उन्होंने एम गोपाल रेड्डी के स्थान पर इकबाल बैस को राज्य का मुख्य सचिव बनाया। अब उन्होंने राजगढ़ की विवादित कलेक्टर निधि निवेदिता और एसडीएम वर्मा को हटा दिया। निवेदिता सीएए के समर्थन में नारे लगाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को थप्पड़ मारकर चर्चा में आई थीं। तब शिवराज ने कहा था कि आज का दिन लोकतंत्र के इतिहास में काले दिनों में गिना जाएगा।
मुख्यमंत्री बनने के बाद चौहान ने निगम मंडलों के सभी राजनैतिक मनोनयन निरस्त कर दिए हैं। उन्होंने राजगढ़ की कलेक्टर निधि निवेदिता और एसडीएम प्रिया वर्मा के अलावा नगर निगम कमिश्नर सभाजीत यादव को हटा दिया है। विपक्ष में रहते हुए शिवराज ने कलेक्टर निवेदिता को कहा था कि वह यह न भूलें कि सरकारें स्थायी नहीं होती हैं, वो बदलती हैं। बुराई का अंत और अच्छाई की विजय निश्चित है, इसलिए नागरिकों की सेवा की जिम्मेदारी निभाएं।
भाजपा कार्यकर्ताओं को थप्पड़ माकर चर्चा में आई थीं निधि निवेदिता
19 जनवरी को मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में रैली निकाल रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की कलेक्टर निधि निवेदिता और एसडीएम वर्मा से झड़प हो गई थी। जिसके बाद राज्य की सियासत गर्मा गई थी। भाजपा ने जहां इस घटना को लोकतंत्र का काला दिन कहा था। वहीं कांग्रेस ने अधिकारियों के कार्य की सराहना की थी और उनकी बहादुरी पर हमें गर्व जताया था।
क्या था पूरा मामला
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में रैली निकाल रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की कलेक्टर निधि निवेदिता से झड़प हो गई थी। कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों से ब्यावरा के कुछ इलाकों में धारा 144 लागू होने का हवाला दिया गया। जिससे आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे।
इससे नाराज कलेक्टर निधि निवेदिता ने भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रवि बड़ोने को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद भी जब भीड़ ने नारेबाजी कम नहीं की तब उन्होंने एक पुलिसकर्मी का डंडा लेकर भीड़ को धक्का मारने लगीं। कलेक्टर ने रैली की अगुवाई करते हुए तिरंगा लेकर चल रहे राजगढ़ के पूर्व विधायक अमरसिंह यादव के साथ भी धक्का-मुक्की की।
कलेक्टर को एक्शन में देखकर डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा ने भी भीड़ से लोगों को पकड़कर पुलिस को सौंपने लगीं। तभी उनके साथ भीड़ ने अभद्रता कर दी। जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में कई भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए।