मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक ट्वीट के जरिए स्पष्ट किया है कि वह नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के खिलाफ नहीं हैं। इस तरह की जो भी खबरें आ रही हैं, वे गलत हैं।
शिवराज सिंह चौहान का यह बयान ऐसे समय आया है जब नरेंद्र मोदी ने स्कूली बच्चों से बात करते हुए कहा कि जो भी प्रधानमंत्री बनने का प्रयास करता है, वो बर्बाद हो जाता है और वह 2017 तक मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करते रहेंगे।
हालांकि सियासी गलियारों में इस बयान को लालकृष्ण आडवाणी पर लक्षित और मोदी का 'राजनीतिक स्टंट' माना जा रहा है। नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का साक्षात्कार भी चर्चा का विषय है।
पार्रिकर ने कहा है कि नरेंद्र मोदी पर 2002 के दंगों के दाग हैं और उनसे कोई गलती हुई है तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए। यही ऐसा समय है जब उनके पुराने पुलिस अफसर डीजी वंजारा ने नरेंद्र मोदी और उनके खास सिपहसालार अमित शाह पर लक्ष्य साधा है और कहा है कि उनका स्थान जेल में है।
वास्तव में नरेंद्र मोदी के बयान का यह अर्थ कतई नहीं है कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ से हट गए हैं। गुजरात के राजनीतिक पर्यवक्षेकों का कहना है कि नरेंद्र मोदी के दौड़ से हटने का सवाल ही नहीं उठता।
अब शिवराज सिंह के ट्वीट ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि नरेंद्र मोदी अब भी प्रधानमंत्री पद की तैयारी कर रहे हैं। चौहान ने कहा है कि नरेंद्र मोदी को पीएम उम्मीदवार घोषित किए जाने पर मेरी आपत्ति की खबरें पूरी तरह से निराधार और भ्रामक हैं।
उन्होंने कहा है कि भाजपा में पार्टी सर्वोपरि है और पीएम उम्मीदवार पर फैसला पार्टी ही करेगी। यह वही लाइन है जो भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी लेते रहे हैं। भाजपा के सभी प्रमुख नेता यही कहते रहे हैं कि संसदीय बोर्ड ही इस बारे में कोई फैसला करेगा।
मध्य प्रदेश की जनआशीर्वाद यात्राओं के दौरान मध्य प्रदेश मे भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को ही ज्यादा प्रमुखता से प्रस्तुत किया है। नरेंद्र मोदी के पोस्टर भी नहीं लगाए गए थे।
मीडिया में ऐसी खबरें आईं हैं कि शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा चुनावों तक बीजेपी की ओर से पीएम पद के लिए उम्मीदवार घोषित न करने का मांग की है। लालकृष्ण आडवाणी भी शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते रहे हैं।