फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नतीजे से पहले ही क्या बोरिया-बिस्तर समेटने में लग गए हैं शिवराज

Sun, 09 Dec 2018 12:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
विज्ञापन
शिवराज सिंह चौहान - फोटो : BBC
विज्ञापन

विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद जहां रिजल्ट जारी होने तक मामला शांत हो जाना चाहिए था वहीं मध्य प्रदेश में हालात कुछ विपरीत ही नजर आ रहे हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश के सीएम हाउस के भीतर इन दिनों कुछ अलग ही हालात हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक लेटर के जरिए कुछ ऐसी बातें वायरल हो रही हैं जिनसे मध्य प्रदेश की राजनीति का मुद्दा और भी गर्म हो गया है। जहां चुनाव से भाजपा और कांग्रेस में लैटर वार जारी था वह अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही। 

विज्ञापन


यहीं नतीजा है कि चुनाव में मतदान होते ही अब एक और ऐसा लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिससे सीएम हाउस तक हिल गया है। इस लैटर के जरिए यह सूचना लोगों तक पहुंचाए जाने की कोशिश की गई है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सीएम हाउस खाली करने की तैयारी में जुट चुके हैं। 

सोशल मीडिया के जरिए एक बिल लोगों को दिखाया जा रहा है जिसमें न सिर्फ शिवराज सिंह चौहान का नाम लिखा है बल्कि उसमें सीएम हाउस से सामान शिफ्ट करने की पूरी डीटेल भी लिखी है। सिर्फ इतना ही नहीं इस बिल पर पता सीएम हाउस का लिखा गया है। साथ ही साथ शिवराज के बेटे कार्तिकेय का नाम व एक मेल आईडी भी इसमें दी गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस बिल में यह सामान महाराष्ट्र के गोंदिया भेजने के लिए 15 लाख का खर्चा दिखाया गया है। हालांकि इस बिल की प्रमाणिकता पर कई सवाल भी खड़े होते हैं। यह कतई नहीं कहा जा सकता कि यह बिल एकदम सही है। दरअसल, कंपनी से जो बिल जारी किए जाते हैं वो इससे बिल्कुल अलग होते हैं। 

जिस कंपनी के नाम से यह बिल जारी हुआ है उसके मालिक का कहना है कि वायरल हो रहे इस बिल में सिवाय कंपनी के लोगों के कुछ भी असली नहीं है। उनका कहना है कि कंपनी के पास भी इस वायरल बिल की जानकारी आई थी, जिसके बाद पुलिस में इसकी शिकायत की गई।
विज्ञापन

सबसे अहम बात यह है कि इस बिल में जीएसटी नंबर तक गलत लिखा गया है। चूंकी यह मामला सीएएम हाउस से जुड़ा हुआ था लिहाजा कंपनी ने बिना देर किए इसकी शिकायत पुलिस में की। सायबर एसपी राजेश भदौरिया ने मामले में सायबर सेल ने IPC 469 और आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।   

भाजपा नेता इसे कांग्रेस के डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट का काम बता रहे हैं। वहीं कांग्रेस का कहना है कि ये डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट बीजेपी के पास है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि सीएम हाउस तो जनता 11 तारीख को खाली करा लेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें