सोशल मीडिया के जरिए एक बिल लोगों को दिखाया जा रहा है जिसमें न सिर्फ शिवराज सिंह चौहान का नाम लिखा है बल्कि उसमें सीएम हाउस से सामान शिफ्ट करने की पूरी डीटेल भी लिखी है। सिर्फ इतना ही नहीं इस बिल पर पता सीएम हाउस का लिखा गया है। साथ ही साथ शिवराज के बेटे कार्तिकेय का नाम व एक मेल आईडी भी इसमें दी गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस बिल में यह सामान महाराष्ट्र के गोंदिया भेजने के लिए 15 लाख का खर्चा दिखाया गया है। हालांकि इस बिल की प्रमाणिकता पर कई सवाल भी खड़े होते हैं। यह कतई नहीं कहा जा सकता कि यह बिल एकदम सही है। दरअसल, कंपनी से जो बिल जारी किए जाते हैं वो इससे बिल्कुल अलग होते हैं।
जिस कंपनी के नाम से यह बिल जारी हुआ है उसके मालिक का कहना है कि वायरल हो रहे इस बिल में सिवाय कंपनी के लोगों के कुछ भी असली नहीं है। उनका कहना है कि कंपनी के पास भी इस वायरल बिल की जानकारी आई थी, जिसके बाद पुलिस में इसकी शिकायत की गई।
सबसे अहम बात यह है कि इस बिल में जीएसटी नंबर तक गलत लिखा गया है। चूंकी यह मामला सीएएम हाउस से जुड़ा हुआ था लिहाजा कंपनी ने बिना देर किए इसकी शिकायत पुलिस में की। सायबर एसपी राजेश भदौरिया ने मामले में सायबर सेल ने IPC 469 और आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
भाजपा नेता इसे कांग्रेस के डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट का काम बता रहे हैं। वहीं कांग्रेस का कहना है कि ये डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट बीजेपी के पास है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि सीएम हाउस तो जनता 11 तारीख को खाली करा लेगी।