विद्युत विभाग के एमडी आकाश त्रिपाठी ने दावा किया है कि स्मार्ट मीटर को लगाने की एवज में उपभोक्ताओं से कोई पैसा नहीं लिया जा रहा है। उपभोक्ताओं को भी इस मीटर से लाभ मिलेगा। इलाके में बिजली गुल होती है या कोई मीटर से छेड़छाड़ करता है तो कंट्रोल रूम के अधिकारियों को इसका अलर्ट मिल जाएगा।
इन सबकी मॉनिटरिंग के लिए इंदौर में देश का दूसरा सबसे बड़ा कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारियों को इन मीटरों के माध्यम से इस बात की जानकारी मिलेगी कि किस फिडर पर बिजली का अधिक लोड आ रहा है, जिससे बिजली की बचत भी की जा सकेगी।
इलाके में बिजली गुल होने के बाद भी यदि लाइनमेन एक घंटे में खराबी ठीक न करें तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा तय समय में बिल जमा नहीं होने पर दफ्तर से ही कनेक्शन काट दिया जाएगा।