कमलनाथ ने सीएम शिवराज को किसानों के मुद्दे पर घेरा
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पूर्व सीएम कमलनाथ ने किसानों के मुद्दे पर सीएम शिवराज सिंह चौहान पर फिर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीटर पर पोस्ट कर लिखा कि मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। लेकिन बड़ी शर्म की बात है कि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी किसानों को राहत व मुआवजे की बजाय झूठे आश्वासन व भाषण परोसे जा रहे हैं। सीएम को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि खुद मुख्यमंत्री खराब फसलों की स्थिति को देख चुके हैं, किसानों के बहते आंसूओं को देख चुके हैं। फसलों की इस बर्बादी को देखते हुए सरकार को अविलंब तत्कालिक सहायता के रूप में किसानों को राहत राशि प्रदान करना चाहिए, लेकिन अभी भी उन्हें सर्वे, फसल बीमा के नाम पर झूठे आश्वासन व भाषण परोसे जा रहे हैं।
पिछली बार भी जो फसलें खराब हुई थीं, उस समय भी इसी प्रकार झूठे आश्वासन, लंबे चौड़े भाषण परोसे गए थे, लेकिन उन पीड़ित किसानों को भी आज तक ना पूर्ण मुआवजा मिला,ना फसल बीमा की राशि मिली है। कमलनाथ ने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष में रहकर जो खराब फसलों को लेकर लंबे-चौड़े भाषण देते थे, बड़ी-बड़ी बातें करते थे, वह आज किसानों को राहत की बजाय सिर्फ झूठे आश्वासन व भाषण ही परोस रहे हैं। मध्य प्रदेश का किसान पहले से ही खाद संकट, बिजली संकट से परेशान होकर कर्ज के दलदल में फंसता जा रहा है, ऐसे में इस संकट ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। रबी सीजन की एक लाख हेक्टेयर से अधिक फसल खराब हो चुकी है, किसानों का करोड़ों का नुकसान हो चुका है। प्रदेश का किसान अभी भी राहत व मुआवजे के लिए सरकार की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है और उसे बदले में सिर्फ झूठे दिलासे व आश्वासन ही मिल रहे हैं।
बता दें कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर और अशोकनगर जिले के मुंगावली में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के खेतों का दौरा कर उनकी परेशानियां सुनी थी। उन्होंने प्रभावित किसानों को शीघ्र संकट से बाहर निकालने का आश्वासन भी दिया था। सीएम ने किसानों को फसलों का 50 प्रतिशत से अधिक का नुकसान होने पर 30 हजार प्रति हेक्टेयर के हिसाब से राहत राशि देने की बात कही थी। सीएम शिवराज ने किसानों से मुलाकात कर ऋण वसूली को स्थगित कर अल्पकालीन लोन को मध्यमकालीन ऋण में बदलने और ब्याज का भुगतान खुद कराने के साथ ही गाय-भैंस की मृत्यु पर 30 हजार रुपये और बछिया-बछड़ा के लिए 10 हजार रुपये की राहत राशि देने की बात भी किसानों से कही थी, वहीं परिवार में किसी की अकस्मात मृत्यु होने पर परिवार को 4 लाख रुपये आर्थिक सहायता राशि देने की भी घोषणा की है।