उत्तर प्रदेश की तरह ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी नौजवान वोटरों को लुभाने के लिए सोमवार को भोपाल में लैपटॉप योजना लांच कर दी।
इसके तहत प्रतिभाशाली छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए के डिमांड ड्राफ्ट सौंपे गए। यह योजना ऐसे समय लांच की गई है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं और चुनावी आचार संहिता लागू होने में कुछ ही दिन शेष रह गए हैं।
कांग्रेस ने इस योजना को ‘वोट के बदले नोट कहकर’ आड़े हाथ लिया है। प्रदेश में करीब एक करोड़ नए वोटर मतदाता सूची में जुड़े हैं, जिनमें से अधिकांश पहली बार वोटर बने हैं। अभी सरकारी स्कूलों के प्रावीण्य सूची में शामिल 2000 छात्रों को ये डीडी दिए गए हैं।
सितंबर में सरकार एक और सम्मेलन करेगी, जिसमें निजी स्कूलों के प्रतिभाशाली छात्रों को भी लैपटॉप दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री की नजर उन नौजवान मतदाताओं पर है जो पहली बार मतदाता सूची में शामिल हो रहे हैं।
भोपाल में सोमवार को लाल परेड मैदान में युवाओं का एक बड़ा आयोजन किया गया, जिसे युवा स्वरोजगार सम्मेलन नाम दिया गया।
लैपटॉप खरीदने की यह धनराशि उन 2000 छात्रों को दी जा रही है, जिन्होंने हायर सेकेंडरी में 85 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल किए हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सितंबर में एक और युवा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें निजी स्कूलों के प्रतिभाशाली छात्रों को भी लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए के डीडी दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एमपी को एक समृद्ध और विकसित राज्य बनाना चाहते हैं। उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज निवेश के मामले में मध्य प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर आ गया है।