अन्य प्रदेशों में फंसे मध्यप्रदेश के श्रमिकों के लिए राहत की खबर आई है। शिवराज सरकार ने घोषणा की है जो भी श्रमिक स्पेशल ट्रेन से अपने गृह प्रदेश लौट रहे हैं, उनके रेल किराये का भुगतान शासन द्वारा किया जाएगा। श्रमिकों से किसी भी तरह का किराया वसूल नहीं किया जाएगा।
वहीं राज्य के अपर मुख्य सचिव श्री आई.सी.पी. केशरी ने जानकारी दी है कि कलॉकडाउन के मद्देनजर महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश एवं बिहार जाने के इच्छुक श्रमिक बड़ी संख्या में बिजासन से मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। विगत 12 मई से अभी तक मध्यप्रदेश सरकार ने 1042 बसों के माध्यम से 46 हजार 890 श्रमिकों को उनके गृह राज्य तक नि:शुल्क भेजा है। उन्होंने कहा है कि श्रमिकों को लाने के लिए 16 हजार 218 बसें लगाई गई हैं।