शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के अमोलपठा में लाइसेंसी कंपोजिट शराब दुकान में तोड़फोड़, शराब लूटने और आगजनी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में सरपंच छोटेराजा गुर्जर और जनपद सदस्य दुष्यंत परमार समेत कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान आरोपियों ने शराब दुकान में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। आरोप है कि दुकान से शराब की बोतलें लूटी गईं और इसके बाद दुकान में आग लगाने की कोशिश की गई। इस दौरान शराब की बोतलें भी फोड़ी गईं। दुकान में मौजूद कर्मचारी के साथ मारपीट और अभद्रता किए जाने का भी आरोप है। मामला उस वक्त और गंभीर हो गया, जब मौके पर पहुंचे पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोपियों ने शासकीय कार्य में बाधा डाली और शासकीय वाहन में भी तोड़फोड़ की।
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घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की और अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर गिरफ्तारियां कीं। गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम गणेशखेड़ा निवासी सरपंच छोटेराजा पुत्र भरौसीराम गुर्जर, उम्र 42 वर्ष और ग्राम अमोलपठा निवासी जनपद सदस्य दुष्यंत परमार पुत्र वीरसिंह परमार, उम्र 35 वर्ष भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ शराब दुकान में घुसकर तोड़फोड़, शराब लूटने, आगजनी, दुकान कर्मचारी से मारपीट और पुलिस तथा आबकारी अमले के साथ मारपीट सहित शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोपों में कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी 21 आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। वहीं, पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इस पूरी कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि शराब दुकान में आखिर किस वजह से इतना बड़ा विवाद हुआ और भीड़ ने कानून हाथ में लेकर तोड़फोड़ और आगजनी क्यों की? पुलिस घटना के पीछे के कारणों और पूरे घटनाक्रम की भी जांच कर रही है।फिलहाल अमोला थाना पुलिस की कार्रवाई जारी है और पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।